साइप्रस में शूट होगी बॉलीवुड फिल्म ‘इश्का’, रोमांस और इमोशन्स से भरी कहानी लेकर आ रहीं अंजलि भूषण मागो

Mumbai , 20 मई . Bollywood में इन दिनों फिल्म ‘इश्का’ को लेकर खास चर्चा हो रही है. इसकी वजह सिर्फ इसकी कहानी या स्टारकास्ट नहीं, बल्कि इसका ऐतिहासिक जुड़ाव भी है. ‘इश्का’ पहली ऐसी Bollywood फिल्म बनने जा रही है, जिसकी शूटिंग साइप्रस में की जाएगी. फिल्म का ऐलान Mumbai के कोलाबा स्थित ताज महल पैलेस होटल में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान किया गया.

इस खास मौके पर साइप्रस के President निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री के कई जाने-माने चेहरे भी नजर आए, जिनमें जावेद जाफरी, रवि किशन, श्रेया धनवंतरी, एलनाज नौरोजी, गौरव चोपड़ा, आदिति एस पोहनकर और प्रीति पाणिग्रही जैसे कलाकार शामिल हुए.

फिल्म ‘इश्का’ एक रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा होगी. इसे अंजलि भूषण मागो ने लिखा और निर्देशित कर रही हैं. अंजलि ने अपने करियर की शुरुआत करीब 31 साल पहले करण जौहर की सुपरहिट फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में सहायक निर्देशक के तौर पर की थी. अब वह मशहूर संगीतकार जोड़ी मीत ब्रदर्स के साथ मिलकर ‘यंत्रा फिल्म्स’ नाम का नया प्रोडक्शन हाउस शुरू कर रही हैं. ‘बेबी डॉल’ और ‘चिट्टियां कलाइयां’ जैसे सुपरहिट गानों के लिए पहचाने जाने वाले मीत ब्रदर्स इस फिल्म के जरिए फिल्म प्रोडक्शन की दुनिया में कदम रख रहे हैं.

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी शूटिंग, सह-निर्माण और पोस्ट-प्रोडक्शन साइप्रस में ‘सीआईपीए योजना’ के तहत किया जाएगा.

फिल्म को लेकर अंजलि भूषण मागो ने से बात करते हुए कहा, ”’इश्का’ एक ऐसी रोमांटिक फिल्म है, जो प्यार के अलग-अलग रूपों को दिखाएगी. हर इंसान प्यार को अलग नजरिए से देखता है, लेकिन आखिर में प्यार सिर्फ प्यार होता है. यह फिल्म मेरे दिल के बेहद करीब है, क्योंकि इसमें रिश्तों की भावनाएं, संघर्ष, खुशी और दर्द सब कुछ देखने को मिलेगा. मैंने अपने करियर में ज्यादातर रोमांटिक और ड्रामा फिल्में बनाई हैं. हालांकि, निर्माता के तौर पर मैंने एक्शन फिल्मों पर भी काम किया है, लेकिन ‘इश्का’ से मुझे खास उम्मीदें हैं.”

उन्होंने आगे कहा, ”फिल्म में चार अलग-अलग प्रेम कहानियां दिखाई जाएंगी, लेकिन इन सभी को एक ही कहानी से जोड़ा जाएगा. फिल्म में सच्चे प्यार की भावना को बहुत खूबसूरती से पेश किया जाएगा. आज के दौर में लोग एक्शन और ड्रामा को ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन असली ताकत इमोशन्स में होती है. अगर दर्शक कहानी और किरदारों से जुड़ जाएं, तभी फिल्म दिल तक पहुंचती है.”

अंजलि ने कहा, ”हर इंसान के दिल में कोई न कोई भावना छिपी होती है और वही असली कहानी बनती है. एक फिल्ममेकर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह होती है कि वह उन भावनाओं को दर्शकों तक सही तरीके से पहुंचाए. फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह इमोशन्स पर चलती है और अगर कहानी में इमोशन्स नहीं होंगे, तो दर्शक उससे जुड़ नहीं पाएंगे.”

मीत ब्रदर्स के हरमीत सिंह ने भी फिल्म को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, ”अंजलि रोमांटिक फिल्मों को बहुत अच्छे तरीके से समझती हैं. दुनिया में एक्शन और थ्रिलर से ज्यादा जरूरी इंसानों के बीच का प्यार है, लेकिन प्यार को निभाना आसान नहीं होता. यही वजह है कि अच्छी रोमांटिक फिल्में कम बनती हैं और जो बनती हैं, वही लोगों के दिलों में बस जाती हैं. अंजलि और मेरी सोच इसलिए मिलती है क्योंकि हम दोनों ही प्यार और भावनाओं पर भरोसा करते हैं.”

पीके/एबीएम

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