ईरान पर नाकाबंदी अभी भी ‘पूरी तरह लागू’ : अमेरिकी सेना

वाशिंगटन, 26 अप्रैल . अमेरिका की सेना लगातार ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को लागू कर रही है और ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों को रोकने की कार्रवाई जारी है. यूएस सेंट्रल कमांड ने social media पर यह जानकारी दी.

एक पोस्ट में बताया गया कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद अब तक 37 जहाजों का रास्ता बदला जा चुका है. “सेवन” नाम का एक व्यापारिक जहाज, जिसे Saturday को अरब सागर में अमेरिकी सेना ने रोका था, अब अमेरिकी निर्देशों के अनुसार वापस ईरान की ओर जा रहा है और उसकी निगरानी की जा रही है.

अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल को घोषणा की थी कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने या वहां से निकलने की कोशिश करने वाले जहाजों को रोकना शुरू कर देगी. उनका यह फैसला Pakistan में 11 और 12 अप्रैल को यूएस-ईरान के बीच हुई बातचीत के पहले दौर के बाद आया, जिसमें कोई शांति समझौता नहीं हो पाया था.

ट्रंप के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को खतरा पहुंचा, तो इसका असर पूरी दुनिया के व्यापार पर पड़ेगा.

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, Saturday को ईरान के मुख्य सैन्य कमांड, ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने अपनी उस बात को दोहराया कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका पश्चिम एशिया क्षेत्र में अपनी “नाकेबंदी, लूटपाट और समुद्री डकैती” जारी रखता है, तो वे जवाबी कार्रवाई करेंगे.

इसी बीच ट्रंप ने Saturday को यह भी बताया कि इस सप्ताहांत इस्लामाबाद जाने वाले अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा रद्द कर दी गई है. अपने social media प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है और अगर ईरान बात करना चाहता है तो उसे खुद आगे आना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा में समय बर्बाद होता है और ईरान के नेतृत्व के भीतर भी काफी मतभेद और भ्रम है.

दरअसल, ईरान के नेतृत्व में नरम और सख्त रुख रखने वाले गुटों के बीच मतभेद सामने आए हैं. जब नरमपंथी माने जाने वाले अराघची ने Friday को घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन कट्टरपंथी ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) ने Saturday को इसे फिर से बंद कर दिया.

इस्लामाबाद में बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिशें नाकाम रहने के बाद, ट्रंप ने युद्धविराम को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया, लेकिन ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी है.

एएस/

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