
कोलकाता, 4 मई . पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कूचबिहार जिले की दिनहाटा विधानसभा सीट पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है. भाजपा उम्मीदवार अजय राय ने 25 राउंड की मतगणना के बाद 17,447 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
भाजपा प्रत्याशी अजय राय को 1,38,255 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और मौजूदा टीएमसी विधायक उदयन गुहा को 1,20,808 वोट प्राप्त हुए. एआईएफबी के बिकास मंडल को मात्र 3,042 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे. इस सीट पर 95.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पूरे कूचबिहार जिले में 96.20 प्रतिशत वोटिंग हुई.
भाजपा के अजय राय 48 वर्षीय और 10वीं पास हैं, जिनके खिलाफ 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं. उनकी कुल संपत्ति 3.9 करोड़ रुपए है, जबकि 9.7 लाख रुपए की देनदारी है. वहीं, टीएमसी उम्मीदवार 71 वर्षीय उदयन गुहा ग्रेजुएट हैं, उनके खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं, और उनकी संपत्ति 8 करोड़ रुपए है, जिन पर 9.3 लाख रुपए का कर्ज है. एआईएफबी के 72 वर्षीय बिकास मंडल भी ग्रेजुएट हैं, उनके खिलाफ 1 मामला दर्ज है, और कुल संपत्ति 63.3 लाख रुपए है.
Political इतिहास की बात करें तो दिनहाटा उत्तरी पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में एक महत्वपूर्ण म्युनिसिपल शहर है. यह भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास स्थित है और कूचबिहार Lok Sabha क्षेत्र का हिस्सा है. पूरी दिनहाटा म्युनिसिपैलिटी, दिनहाटा I और II ब्लॉक की कुछ ग्राम पंचायतें इस सीट में शामिल हैं. यह सीट 1951 में अस्तित्व में आई थी और अब तक 18 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. ऐतिहासिक रूप से यहां ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) का दबदबा रहा है, जिसने आठ बार जीत हासिल की. कांग्रेस ने पांच बार और तृणमूल कांग्रेस ने तीन बार यह सीट जीती है. भाजपा और अन्य दलों को भी एक-एक बार सफलता मिली है.
2011 में, उदयन गुहा ने एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी. बाद में, वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए, और 2016 में, उन्होंने 21,793 वोटों के अंतर से सीट बरकरार रखी. 2021 का चुनाव बेहद रोचक रहा. भाजपा के निशीथ प्रमाणिक (तत्कालीन Union Minister) ने उदयन गुहा को महज 53 वोटों से हराया था. लेकिन प्रमाणिक ने Lok Sabha सीट बनाए रखने के लिए विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे स्थानीय मतदाताओं में नाराजगी फैल गई. उपचुनाव में, उदयन गुहा ने टीएमसी के टिकट पर जीत हासिल की थी.
Lok Sabha चुनावों में भी दिनहाटा का रिकॉर्ड उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 2009 में फॉरवर्ड ब्लॉक ने टीएमसी को हराया. 2014 में टीएमसी आगे रही. 2019 में भाजपा ने 15,539 वोटों से बढ़त बनाई, लेकिन 2024 में टीएमसी ने भाजपा को 18,014 वोटों से हराकर वापसी की.
इस बार 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने स्थानीय नाराजगी और पिछले उपचुनाव की घटना को भुनाते हुए अच्छी रणनीति अपनाई. अजय राय की जीत से साफ है कि भाजपा ने दिनहाटा में अपनी खोई हुई जमीन दोबारा हासिल कर ली है.
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एससीएच/एबीएम