महिलाओं के प्रति भाजपा का रवैया अपमानजनक: कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत

New Delhi, 19 दिसंबर . बिहार में एक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में Chief Minister नीतीश कुमार द्वारा महिला का हिजाब उतारने को लेकर विवाद जारी है. विपक्ष इस विषय पर नीतीश कुमार से माफी की मांग कर रहा है. इस बीच Friday को कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने अपनी प्रतिक्रिया दी.

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने से बात करते हुए कहा, “अगर किसी की भावनाएं आहत होती हैं, तो माफी मांगना जिम्मेदारी बन जाती है. दुर्भाग्य से नीतीश कुमार के बाद मंत्री संजय निषाद और Union Minister गिरिराज सिंह के बयानों से महिलाओं के प्रति अपमानजनक रवैया दिखता है. उनकी मानसिकता साफ है. भाजपा सिर्फ नारे लगाती है, लेकिन उन्हें लागू नहीं करती. ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का प्रचार करते हुए भी महिलाओं के प्रति उनके असली विचार साफ दिखते हैं.”

मनरेगा का नाम विकसित India जी-राम जी बिल करने पर कांग्रेस सांसद ने कहा, “27 तारीख को वर्किंग कमेटी की मीटिंग है. हमारे सीनियर नेताओं के फैसलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.”

पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में India को लेकर हो रहे विरोध पर सुखदेव भगत ने कहा, “यह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस देश को बनाने में India ने मदद की, वह अब हमारे खिलाफ खड़ा है.”

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “नेपाल और श्रीलंका में मौजूदा हालात और पहले Pakistan में राजनयिक जिम्मेदारी के महत्व को उजागर करते हैं. Government को पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सावधानी से संभालना चाहिए. शांति ताकत से आती है, जो बहुत जरूरी है. मेरा मानना ​​है कि Government को कड़ा रुख अपनाना चाहिए और कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए. इस विषय पर Government की तरफ से दो टूक बात करनी चाहिए और जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए. जो अंतर्राष्ट्रीय मानक है, Government को उसे सुनिश्चित करनी चाहिए.”

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के Government्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर हिंदू को सबसे बड़ा धर्म बताया और मुस्लिम समाज को सूर्य नमस्कार करने की सलाह दी थी.

सुखदेव भगत ने कहा, “आप किसी को भी उसके धर्म या गरिमा के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. इसीलिए मैंने कहा था कि किसी को भी ऐसे काम के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.”

एससीएच/वीसी

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