
Bengaluru, 17 अगस्त . भाजपा ने Monday को विधानसभा में चामराजनगर जिले के एक रिजर्व फॉरेस्ट में तीन शिकारियों की एनकाउंटर में हुई मौत का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि Government ने एनकाउंटर के नाम पर हत्याएं की हैं.
भाजपा ने Government से सदन में बयान देने की भी मांग की. विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि इस घटना ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है. उन्होंने दावा किया कि किसानों और मारे गए लोगों के परिवारों ने ऑपरेशन से जुड़े हालात पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
स्पीकर जीएस पाटिल ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि सबसे पहले प्रश्न काल होना चाहिए.
हालांकि, अशोक ने स्पीकर से प्रश्न काल को टालने का आग्रह किया और पूछा कि क्या तीन लोगों की मौत के लिए राज्य Government सीधे तौर पर जिम्मेदार है?
अशोक ने कहा, “हमें यह मुद्दा उठाना है और उनकी मौत पर सवाल पूछना है. यहां तक कि तमिलनाडु के Chief Minister ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.”
उपChief Minister जी. परमेश्वर ने कहा कि विपक्ष को सदन में यह मामला उठाने से पहले नोटिस देना चाहिए.
भाजपा के वरिष्ठ विधायक वी. सुनील कुमार ने कहा कि नोटिस देना अलग बात है, लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही Government को खुद से बयान देना चाहिए था.
उन्होंने सवाल किया, “घटना को 24 घंटे बीत चुके हैं. तीन लोगों की मौत हो चुकी है और Government बयान नहीं देना चाहती. यह कैसे हो सकता है?”
सुनील कुमार ने मांग की कि वन और पर्यावरण मंत्री रामलिंगा रेड्डी और Chief Minister डीके शिवकुमार बयान देकर बताएं कि क्या हुआ था.
उन्होंने कहा, “नियमों के अनुसार, बयान देना उनका कर्तव्य है. क्या आप किसी और एनकाउंटर के बाद बयान देंगे? इससे पता चलता है कि यह Government किसानों को लेकर कितनी चिंतित है.”
परमेश्वर से सवाल करते हुए सुनील कुमार ने पूछा कि क्या Government मुद्दे से भाग रही है और आरोप लगाया कि Government किसानों पर गोली नहीं चला सकती. परमेश्वर ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि Government किसी भी चीज से भाग नहीं रही है.
उन्होंने कहा कि Government के भागने जैसी कोई बात नहीं है. हम बयान देंगे. कोई समस्या नहीं है. आप नोटिस दें.
इसके बाद भाजपा सदस्यों ने सदन में विरोध-प्रदर्शन किया और मांग की कि Government तुरंत बयान दे.
अशोक ने कहा, “एक एनकाउंटर हुआ है. तमिलनाडु के Chief Minister ने कहा है कि कर्नाटक में सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए. कर्नाटक में लाखों तमिल भाषी लोग रहते हैं.”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किसी भी Police अधिकारी को सस्पेंड क्यों नहीं किया गया? Government को बयान देना होगा. तब तक हम अपनी जगह से नहीं हटेंगे.”
स्पीकर ने बताया कि वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने सुबह उनसे बात की थी और जानकारी दी थी कि वह सदन में बयान देंगे. उन्होंने मंत्री से ‘प्रश्न काल’ के बाद बयान देने को कहा था.
15 अगस्त को कर्नाटक के चामराजनगर जिले में कावेरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी के शंघ्या वन क्षेत्र में अवैध शिकार विरोधी अभियान के दौरान वन कर्मियों ने तीन शिकारियों को गोली मारकर मार डाला था. इस घटना के बाद जबरदस्त स्थानीय विरोध हुआ, वन कर्मियों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई और न्यायिक जांच की मांग उठी.
वन अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल से देसी बंदूक और हिरण का मांस जब्त किया है. अधिकारियों ने कहा कि यह समूह ऐसे शिकारियों का था जो आदतन अपराधी थे और संरक्षित क्षेत्र में अवैध रूप से घुसे थे. शिकारियों द्वारा उन पर गोली चलाने की कोशिश के बाद कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई.
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डीकेएम/एबीएम