
New Delhi, 25 मई . देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में Monday को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. भारतीय जनता पार्टी ने बढ़े हुए दामों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है. भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस शासित राज्यों में भाजपा शासित राज्यों से महंगा पेट्रोल-डीजल है.
भाजपा ने दावा किया है कि India के हर राज्य में एक समान केंद्रीय उत्पाद शुल्क है. इसके बावजूद भाजपा शासित दिल्ली में 102 और Gujarat में 101 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल है. वहीं, कांग्रेस शासित तेलंगाना में 118, कर्नाटक में 110 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले एलडीएफ शासित केरल में 114 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल है. भाजपा का कहना है कि जो पार्टी केंद्र Government को ईंधन की कीमतों पर उपदेश देती है, वही अपने ही लोगों पर प्रति लीटर 16 रुपये अधिक कर लगाती है. राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पाखंडी है.
वहीं, कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर केंद्र Government को घेरा है. कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘महंगाई मैन’ पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल 11 दिन में 8 रुपए महंगा कर दिया. आज फिर पेट्रोल पर 2.87 रुपए और डीजल पर 2.80 रुपए बढ़ा दिए गए हैं. 15 मई को पेट्रोल 3.29 रुपए व डीजल 3.11 रुपए, 19 मई को पेट्रोल 96 पैसे व डीजल 94 पैसे, 23 मई को पेट्रोल 94 पैसे व डीजल 95 पैसे और 25 मई को पेट्रोल में 2.87 रुपए व डीजल में 2.80 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. इस तरह अब तक पेट्रोल 8.06 और डीजल 7.80 रुपए महंगा हुआ है. अपने पूंजीपति दोस्तों को मालामाल करने के लिए पीएम मोदी जनता की जेब काटने में लगे हैं. लोग महंगाई में पिस रहे हैं, परेशान हैं लेकिन ‘महंगाई मैन’ की वसूली थमने का नाम नहीं ले रही है.”
गौरतलब है कि 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था लेकिन अब राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है.
इससे पहले 23 मई को कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए Governmentी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतें 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतें 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई थीं. वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच पिछले 10 दिन में ईंधन की दरों में यह चौथी बढ़ोतरी है. 15 मई को ही Governmentी तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ी हुई कीमतों का बोझ धीरे-धीरे ग्राहकों पर डालना शुरू किया था.
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