
New Delhi, 4 जून . भाजपा नेताओं ने Thursday को Lok Sabha में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और उन्हें अराजक और हताश बताया.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने विपक्ष के नेता को खतरनाक और अराजक व्यक्ति बताया.
प्रदीप भंडारी ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “राहुल गांधी को यह एहसास हो गया है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से देश की सत्ता में नहीं आ सकते. वे जहां भी जाते हैं, देश के युवा और जेन-जी Prime Minister Narendra Modi का समर्थन करते नजर आते हैं. अब, राहुल गांधी वंशवादी हैं और सत्ता से दूर नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने India के लोकतंत्र के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है.”
उन्होंने आगे कहा, “देश की जनता सब समझ गई है, राहुल गांधी की साजिश को सफल नहीं होने देंगे.”
भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने याद दिलाया कि 1975 में तत्कालीन Prime Minister इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने ही आपातकाल लागू किया था.
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी का यह बयान कि Prime Minister मोदी आपातकाल जैसे कड़े कदम उठा सकते हैं, एक बड़ा मजाक है. आपातकाल वाली मानसिकता कांग्रेस पार्टी की है, क्योंकि आपातकाल तो उन्होंने ही लागू किया था.”
उन्होंने को बताया, “यह तत्कालीन जनसंघ ही था जिसने आपातकाल के खिलाफ लड़ाई लड़ी और देश में लोकतंत्र को बहाल किया.”
कांग्रेस को ‘लोकतंत्र विरोधी’ बताते हुए राज्य भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आगे कहा, “राहुल गांधी कई वर्षों से केंद्र में सत्ता से बाहर होने के कारण निराश हैं. उनकी निराशा ऐसे बेतुके बयानों के माध्यम से व्यक्त हो रही है.”
मीडिया को संबोधित करते हुए Maharashtra के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “जब तक पीएम मोदी Prime Minister हैं, राहुल गांधी को देश की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन्हें अपने परिवार और अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए.”
Union Minister प्रह्लाद जोशी ने भी इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कहा, “पिछले 12 वर्षों से अधिक समय में अब तक किसी ने भी राहुल गांधी की कही बात को स्वीकार नहीं किया है. आज भी India सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है.”
उन्होंने आगे कहा, “इससे पहले भी वे कहते थे कि India एक मृत अर्थव्यवस्था है. वे जो कुछ भी कहते हैं, उसमें कोई गंभीरता नहीं होती. वे हमेशा दुनिया के सामने और India के नागरिकों के सामने India को नीचा दिखाना चाहते हैं, लेकिन India की जनता ने लगातार उन्हें नकार दिया है.”
Haryana के मंत्री अनिल विज के अनुसार, विपक्ष के नेता गांधी लगातार चुनाव हारने के बाद अवसाद में चले गए हैं. उन्होंने टिप्पणी की “उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर से अपना इलाज करवाना चाहिए.”
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एसएके/डीकेपी