
New Delhi, 6 अगस्त . BJP MP रवि शंकर प्रसाद ने Thursday को विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और Lok Sabha में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी से दोनों सदनों को चलने देने का आग्रह किया ताकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें संबोधित कर सकें. यह मांग प्रदर्शनकारी नेताओं द्वारा भी उठाई जा रही है.
उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्हें ‘पाखंडी’ कहा और आरोप लगाया कि Jharkhand में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मामले में उनका रवैया अलग है. राज्य के कई छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें से कई लगभग दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर हैं.
खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं, जबकि गांधी Lok Sabha में विपक्ष के नेता हैं. दोनों नेता विपक्ष की ओर से गृह मंत्री को सदन में बुलाकर प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित अत्याचार और बंदूकों के इस्तेमाल पर बोलने की मांग का नेतृत्व कर रहे हैं.
प्रसाद ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी और खड़गे हर रोज एक नई कहानी गढ़ते हैं. वे अमित शाह के आह्वान वाले पोस्टर लेकर आते हैं. लेकिन गृह मंत्री अमित शाह हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक अपने निर्धारित कार्यालय में मौजूद रहते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि संसद को कार्य करने देना चाहिए ताकि बहसें हो सकें. अगर कोई चर्चा होती है, तो वह (शाह) निश्चित रूप से भाग लेंगे और उन्हें जवाब देंगे.
परीक्षा प्रक्रिया पर कांग्रेस नेताओं के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसाद ने पूछा कि Jharkhand में कथित अनियमितताओं पर गांधी क्यों चुप हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि Jharkhand Government ने यह काम एक ऐसी कंपनी को आउटसोर्स कर दिया था जिसे पहले उत्तर प्रदेश और Rajasthan में प्रतिबंधित कर दिया गया था.
उन्होंने पूछा कि अगर वहां नौकरियां बेची जा रही हैं, तो राहुल गांधी चुप क्यों हैं?
संसद का मानसून सत्र 2026 गरमागरम बहसों और बार-बार व्यवधानों से भरा रहा है, जिसके चलते दोनों सदनों को नियमित रूप से स्थगित करना पड़ा है.
नीट परीक्षा परिणाम लीक, छात्र प्रदर्शनकारियों पर Police कार्रवाई और राम मंदिर के चंदे के कथित दुरुपयोग को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों ने Lok Sabha और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही बाधित की है.
इसके बावजूद, विधायी गति बनाए रखने के लिए कुछ विधेयक बिना चर्चा के पारित किए गए हैं.
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एमएस/