
चेन्नई, 16 मार्च . भारतीय जनता पार्टी ने Monday को तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके Government पर तीखा हमला बोला. पार्टी का आरोप है कि कुछ कथित तौर पर नशे में धुत लोग एक Governmentी अस्पताल में घुसने की घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ी है.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कुड्डालोर जिले की हाल की एक घटना का जिक्र किया. उनके अनुसार, कथित तौर पर नशे में धुत लोगों का एक समूह Governmentी अस्पताल के प्रसूति कक्ष (मैटरनिटी वार्ड) में घुस गया और वहां मौजूद डॉक्टरों और मरीजों को धमकाया. नागेंद्रन ने इसे राज्य में बढ़ते नशे के खतरे का प्रमाण बताया.
Monday को जारी बयान में नागेंद्रन ने कहा कि यह घटना कट्टुमन्नारकोइल के Governmentी अस्पताल में हुई. इस घटना ने आम जनता में चिंता पैदा कर दी है और सार्वजनिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोग, जो कथित तौर पर गांजे के नशे में थे, जबरदस्ती मैटरनिटी वार्ड में घुस गए. उन्होंने वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ और मरीजों को धमकाया और हाथ में हंसिया लहराया.
हालांकि इस घटना में किसी को कोई शारीरिक चोट नहीं आई, लेकिन भाजपा नेता ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसी स्थिति सीधे मैटरनिटी वार्ड के अंदर पैदा हुई.
भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन ने कहा, “यह बेहद चिंताजनक है कि नशे में धुत लोग किसी Governmentी अस्पताल में, खासकर मैटरनिटी वार्ड में घुसकर, डॉक्टरों और मरीजों को हथियार दिखाकर धमका सकते हैं. इससे आम लोगों की सुरक्षा और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा होती है.”
नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि पूरे तमिलनाडु में नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध होने के कारण ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है. उनका कहना है कि अब तो छोटी-मोटी दुकानों पर भी नशीले पदार्थ आसानी से मिल जाते हैं और इससे हालात और बिगड़ गए हैं.
उन्होंने कहा, “मौजूदा Government के राज में नशीले पदार्थ छोटी-मोटी दुकानों पर भी उपलब्ध हैं. नशे में धुत लोग कई सार्वजनिक जगहों पर Governmentी स्कूलों, अस्पतालों और दफ्तरों तक बेधड़क घूमते हुए देखे जा सकते हैं.”
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों के मन में डर पैदा हो रहा है. बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण अब कई लोग ऐसे लोगों का सामना करने से कतराते हैं, जो नशे में हिंसक व्यवहार करते हैं या हंगामा मचाते हैं.
Chief Minister एम.के. स्टालिन के उस पुराने वादे पर तंज कसते हुए, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु को ‘नशा-मुक्त राज्य’ बनाने की बात कही थी, नागेंद्रन ने आरोप लगाया कि डीएमके Government इस गंभीर मुद्दे को हल्के में ले रही है.
उन्होंने कहा, “एक तरफ Government लगातार यह दावा करती है कि तमिलनाडु में नशीले पदार्थों की कोई बड़ी समस्या नहीं है, वहीं दूसरी तरफ कट्टुमन्नारकोइल जैसी घटनाएं जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं.”
उन्होंने राज्य Government से अपील की कि नशीले पदार्थों के फैलाव को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत और प्रभावी कदम उठाए जाएं.
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एमएस/