
New Delhi, 20 दिसंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने Saturday को पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और उन पर सांप्रदायिक राजनीति के जरिए हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच जानबूझकर दंगे भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया. भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी को 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार का डर सता रहा है.
भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा के कथित विवादित बयान पर Chief Minister ममता बनर्जी की चुप्पी पर सवाल उठाया. मदन मित्रा पर आरोप है कि उन्होंने कहा था कि “भगवान राम मुस्लिम थे, हिंदू नहीं.”
भाटिया ने कहा, “इन आपत्तिजनक बयानों से करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन ममता बनर्जी पूरी तरह चुप हैं.”
उन्होंने सवाल किया कि क्या Chief Minister ने मदन मित्रा को टीएमसी से निकाला है या उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की है, जैसे कोई First Information Report दर्ज कराई गई हो.
भाटिया ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की चुप्पी और निष्क्रियता यह दिखाती है कि वह सांप्रदायिक राजनीति कर रही हैं और हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ाना चाहती हैं.
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव से पहले एक खास समुदाय को खुश करने और वोट पक्के करने के लिए टीएमसी नेताओं को ऐसे भड़काऊ बयान देने के लिए उकसाया जा रहा है.
भाटिया ने कहा, “ममता बनर्जी को पता है कि अगला विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी हारने वाली है, इसलिए वह समाज को बांटने की राजनीति कर रही हैं.”
भाटिया ने कहा कि राज्य की गृह मंत्री होने के नाते कानून-व्यवस्था बनाए रखना और शांति कायम रखना Chief Minister की संवैधानिक जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा, “जो भी व्यक्ति सांप्रदायिक बयान देता है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना Chief Minister का कर्तव्य है, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो.”
भाजपा प्रवक्ता ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पुराने मामलों का भी जिक्र किया.
उन्होंने 2019 की एक घटना याद दिलाई, जब कथित तौर पर “जय श्री राम” कहने पर एक व्यक्ति को धमकाया गया था. उन्होंने महाकुंभ को “मृत्यु कुंभ” कहे जाने का भी उल्लेख किया.
भाटिया ने सवाल किया, “ममता बनर्जी और उनके पार्टी नेता हिंदू आस्था और देवी-देवताओं का सम्मान क्यों नहीं करते? क्या वे किसी दूसरे धर्म के बारे में ऐसे बयान देने की हिम्मत कर सकते हैं?”
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी हिंदुओं को दूसरे दर्जे का नागरिक मानती हैं और कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में ऐसी राजनीति का करारा जवाब देगी.
इन आरोपों से भाजपा और टीएमसी के बीच Political टकराव और तेज हो गया है, क्योंकि दोनों दल 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे हैं.
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एएमटी/डीकेपी