गुजरात: राजकोट जू में तीन एशियाई शेर शावकों का जन्म, संख्या बढ़कर 20 हुई

राजकोट, 28 जुलाई . राजकोट चिड़ियाघर में एशियाई शेर के तीन और शावकों का जन्म हुआ है, जिससे वहां एशियाई शेरों की कुल संख्या 20 हो गई है. अधिकारियों ने Tuesday को यह जानकारी साझा की.

107 दिनों के गर्भकाल के बाद, 22 जुलाई की रात को शेर ‘धनंजय’ और शेरनी ‘धरती’ के यहां तीन स्वस्थ शावकों का जन्म हुआ. अधिकारियों ने बताया कि मां और तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं.

अधिकारियों ने बताया कि चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक और कर्मचारी उनकी सेहत का ध्यान रखने के लिए cctv के जरिए मादा शेर और उसके शावकों पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं.

यह नया जन्म राजकोट जू में एक और सफल प्रजनन (ब्रीडिंग) के महज एक महीने से थोड़े अधिक समय के बाद हुआ है. इससे पहले 11 जून को मादा शेर ‘धारा’ ने तीन शावकों को जन्म दिया था. दोनों ही मामलों में मां और शावक स्वस्थ बताए जा रहे हैं.

अधिकारियों ने कहा, “राजकोट नगर निगम द्वारा संचालित राजकोट चिड़ियाघर को ‘सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ की देखरेख में आधुनिक तरीके से विकसित किया गया है. नतीजतन, यह सौराष्ट्र क्षेत्र में पर्यटकों के लिए सबसे अच्छे आकर्षणों में से एक बन गया है. सार्वजनिक छुट्टियों और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग चिड़ियाघर आते हैं, और हर साल लगभग सात लाख पर्यटक यहां आते हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि ‘वाइल्डलाइफ एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत, राजकोट चिड़ियाघर ने अपने कलेक्शन को बेहतर बनाने के लिए पूरे India के चिड़ियाघरों से जानवरों और पक्षियों की अलग-अलग प्रजातियां हासिल की हैं.

चिड़ियाघर के अधिकारियों ने बताया कि राजकोट चिड़ियाघर का प्राकृतिक जंगल जैसा माहौल एशियाई शेरों और सफेद बाघों की ब्रीडिंग के लिए उपयुक्त साबित हुआ है, जिससे बार-बार सफल ब्रीडिंग हो रही है.

इन नए जन्मों के साथ, अब चिड़ियाघर में 20 एशियाई शेर हैं, जिनमें चार वयस्क नर, आठ वयस्क मादा, दो युवा नर और छह शावक शामिल हैं.

अधिकारियों ने बताया कि जब से राजकोट चिड़ियाघर ने अपना ब्रीडिंग प्रोग्राम शुरू किया है, तब से यहां 58 एशियाई शेर के शावकों का जन्म हुआ है. ‘वाइल्डलाइफ एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत, चिड़ियाघर ने दूसरे जानवरों और पक्षियों की प्रजातियों के बदले कई संस्थानों को शेर दिए हैं.

इनमें मैसूर, हैदराबाद, पंजाब में छटबीर, Lucknow, छत्तीसगढ़ में भिलाई, Ahmedabad में कांकरिया और जूनागढ़ में सक्करबाग के चिड़ियाघर शामिल हैं.

चिड़ियाघर में अभी 70 प्रजातियों के 614 जानवर और पक्षी हैं.

डीकेएम/पीएम

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