स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी: ओडिशा सीएम ने उनकी हत्या के मामले में न्याय का भरोसा दिलाया

भुवनेश्वर, 21 अगस्त . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Friday को पिछली बीजू जनता दल (बीजद) Government पर तीखा हमला किया. उन्होंने 2008 में विश्व हिंदू परिषद के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की बेरहमी से हुई हत्या के मामले में पिछली Government की कथित विफलता, लापरवाही और तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर आलोचना की.

Chief Minister ने Friday को अनुगोल जिले के तालचेर इलाके के गुरजंग में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित एक खास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.

अपने संबोधन में Chief Minister माझी ने यह भी आरोप लगाया कि स्वामीजी की हत्या की जांच के लिए बनाए गए जस्टिस महापात्रा कमीशन और जस्टिस नायडू कमीशन की रिपोर्ट और फाइलों का लोक सेवा भवन से गायब होना, दोषियों को बचाने की एक सोची-समझी साजिश थी.

Chief Minister ने Odisha की साढ़े चार करोड़ जनता को पक्का भरोसा दिलाया कि स्वामीजी के खून की हर बूंद को न्याय मिलेगा और सच जरूर सामने आएगा.

इस मौके पर Chief Minister ने घोषणा की कि स्वामीजी की यादों से जुड़े उनके पैतृक गांव गुरजंग को ‘हेरिटेज विलेज’ के तौर पर विकसित किया जाएगा, जबकि गुरजंग पंचायत को ‘मॉडल पंचायत’ बनाया जाएगा.

सभा को संबोधित करते हुए Chief Minister माझी ने कहा, “स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती सिर्फ एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि एक महान आदर्श, एक दिव्य संस्था और सनातन धर्म के तेजस्वी मार्गदर्शक थे. इस आधुनिक दौर में, उन्होंने (स्वामीजी ने) सांसारिक सुख-सुविधाओं का त्याग किया और कंधमाल के दूर-दराज और घने जंगलों में रहकर अपना जीवन असहाय आदिवासी लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया.”

माझी ने यह भी बताया कि स्वामीजी ने चाकापाद और जलेस्पता आश्रम और वहां एक कन्या गुरुकुल की स्थापना की, जिससे आदिवासी लड़कियों को संस्कृत शिक्षा और संस्कारों के जरिए सशक्त बनाया गया.

सीएम माझी ने कहा, “उनके बोए गए संस्कृति के बीज अब एक विशाल वृक्ष बन चुके हैं, जबकि धर्म परिवर्तन के खिलाफ उन्होंने जो जागरूकता अभियान शुरू किया था, वह पूरे राज्य में एक जागृत सनातनी संकल्प के रूप में उभरा है. स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हमारे समाज के ‘गुरु, ग्रंथ और गरिमा’ हैं.”

आखिर में, Chief Minister ने ‘जेनजी’ (नई पीढ़ी) से अपनी जड़ों, शिक्षा, संस्कृति, वेदों, संस्कृत, गौ-संरक्षण और सनातनी परंपराओं से फिर से जुड़ने और देशभक्ति व साहस के साथ राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि स्वामीजी के बेमिसाल त्याग और सेवा का सम्मान करते हुए, राज्य Government ने कई अहम फैसले लिए हैं. इनमें ‘फूलबनी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज’ का नाम बदलकर ‘स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती मेडिकल कॉलेज’ करना और स्वामीजी के कार्यस्थल, जलेश्वर आश्रम, आश्रम स्कूल और कन्याश्रम, के विकास और विरासत संरक्षण के लिए ‘Chief Minister विशेष सहायता’ (सीएमएसए) फंड से 13 करोड़ रुपए मंजूर करना शामिल है.

इसमें से 5 करोड़ रुपए छात्राओं के लिए 300 सीटों वाले हॉस्टल के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 3 करोड़ रुपए हेरिटेज साइट (विरासत स्थल) के संरक्षण पर खर्च होंगे.

पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक मेगा रिवर लिफ्ट प्रोजेक्ट भी लागू किया जाएगा.

इस कार्यक्रम में Odisha विधानसभा की स्पीकर और पूर्व Union Minister धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य लोग भी शामिल हुए और उन्होंने सभा को संबोधित किया.

एससीएच/एमएस

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