असम में छोटे उद्योगों को बड़ी राहत, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा

गुवाहाटी, 8 जुलाई . असम Government ने कारोबार को बढ़ावा देने और उद्यमियों के लिए नियमों को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Wednesday को घोषणा की कि राज्य में छोटे और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को कारोबार शुरू करने के लिए पहले तीन वर्षों तक किसी Governmentी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी.
Chief Minister ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाना है. Government चाहती है कि नए उद्यमी अपना समय Governmentी मंजूरियां लेने में नहीं, बल्कि अपने कारोबार को मजबूत करने और नई संभावनाएं पैदा करने में लगाएं.
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “हम असम में कारोबार करना और आसान बना रहे हैं. छोटे और गैर-प्रदूषणकारी उद्योग अब पहले तीन वर्षों तक बिना Governmentी मंजूरी के अपना काम शुरू कर सकेंगे. मैं चाहता हूं कि हमारे उद्यमी मंजूरियों के पीछे भागने के बजाय लोगों के लिए मूल्य और अवसर पैदा करने पर ध्यान दें.”
Government का मानना है कि इस फैसले से स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा पहली बार कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलेगा. खासतौर पर ऐसे उद्योग, जिनका पर्यावरण पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है, अब तेजी से अपनी गतिविधियां शुरू कर सकेंगे.
एक वरिष्ठ Governmentी अधिकारी ने बताया कि यह फैसला असम में व्यापार-अनुकूल माहौल तैयार करने, अधिक निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की Government की व्यापक रणनीति का हिस्सा है.
पिछले कुछ वर्षों में राज्य Government ने व्यापार से जुड़े नियमों को सरल बनाने, Governmentी सेवाओं का डिजिटलीकरण करने और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने के लिए कई सुधार किए हैं.
इसके साथ ही Government ‘एडवांटेज असम’ शिखर सम्मेलन और विभिन्न क्षेत्रों के लिए बनाई गई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से असम को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में भी लगातार बढ़ावा दे रही है.
राज्य Government का मानना है कि इस नए फैसले से पात्र उद्योगों को स्थापित करने में समय और लागत दोनों कम होंगे. साथ ही विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), सेवा क्षेत्र और अन्य कम जोखिम वाले आर्थिक क्षेत्रों में निजी निवेश और भागीदारी भी बढ़ेगी.
राज्य Government को उम्मीद है कि छोटे उद्योगों के लिए शुरुआती बाधाएं कम होने से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय उद्यमिता मजबूत होगी और असम का औद्योगिक आधार और विस्तृत होगा.
Government जल्द ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगी. इनमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन-किन प्रकार के उद्योगों को इस छूट का लाभ मिलेगा और तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें किन नियमों और अनुपालन प्रक्रियाओं का पालन करना होगा.
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वीकेयू/पीएम


