महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 2026-27 के लिए रेडी रेकनर दरों में कोई बदलाव नहीं

Mumbai , 31 मार्च . राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, Maharashtra Government ने 2026-27 के वित्त वर्ष के लिए रेडी रेकनर दरों में बढ़ोतरी न करने का फैसला किया है.

इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन और कंट्रोलर ऑफ स्टैम्प्स के कार्यालय ने Tuesday को घोषणा की कि 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली दरें पिछले वर्ष (2025-26) की तुलना में यथावत रहेंगी.

यह निर्णय राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के बाद अंतिम रूप दिया.

मंत्री बावनकुले ने कहा कि 2026-27 के लिए दरों को स्थिर रखकर, Government यह सुनिश्चित करना चाहती है कि संपत्ति के लेन-देन के दौरान आम नागरिकों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े.

रेडी रेकनर दर, या सर्कल दर, राज्य Government द्वारा किसी विशिष्ट क्षेत्र के लिए निर्धारित न्यूनतम संपत्ति मूल्य है, जिसका उपयोग स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की गणना के लिए एक मानक के रूप में किया जाता है.

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि यह निष्पक्ष कराधान सुनिश्चित करता है, संपत्ति सौदों के कम मूल्यांकन को रोकता है, और स्थान, सुविधाओं और बाजार के रुझानों के आधार पर सालाना अपडेट किया जाता है.

मंत्री बावनकुले ने कहा, “दरों को स्थिर रखने के बावजूद, पंजीकरण और स्टैम्प विभाग ने राजस्व में भारी वृद्धि दर्ज की है. वित्तीय वर्ष 2025-26 (30 मार्च, 2026 तक) के लिए, राज्य ने कुल 60,568.94 करोड़ रुपए एकत्र किए. ‘आई-सरिता’ प्रणाली मुख्य योगदानकर्ता रही, जिसने कुल संग्रह में 49,534 करोड़ रुपए का योगदान दिया.”

उन्होंने आगे कहा कि Government ने 2026-27 के वार्षिक बजट में स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के माध्यम से 68,600 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

हालांकि दरें अपरिवर्तित हैं, मंत्री बावनकुले ने कहा कि विभाग ने सटीकता सुनिश्चित करने के लिए ‘वार्षिक दरों के विवरण’ में कई तकनीकी अपडेट लागू किए हैं.

इनमें अनुमोदित क्षेत्रीय और विकास योजनाओं का कार्यान्वयन, नए सर्वेक्षण नंबरों का पंजीकरण, और छूटे हुए गांवों या गांवों के नामों से संबंधित सुधार शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ये उपाय दस्तावेज पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और यथार्थवादी बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं.

Governmentी विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले वर्षों के आंकड़े पूरे राज्य में रेडी रेकनर दरों में उतार-चढ़ाव को उजागर करते हैं. विज्ञप्ती में कहा गया, “2017-18 में, रेडी रेकनर दरों में औसत बढ़ोतरी 5.86 प्रतिशत थी; 2020-21 में, कोविड-19 महामारी के कारण इसमें मामूली 1.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. 2022-23 में, 4.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो अगले दो वर्षों तक अपरिवर्तित रही. 2025-26 में, ग्रामीण क्षेत्रों में 3.36 प्रतिशत, नगर परिषदों में 4.97 प्रतिशत और नगर निगमों में 5.95 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई. Mumbai नगर निगम क्षेत्र में 3.39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.”

एससीएच

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