उत्तराखंड : काशीपुर में एसटीएफ का बड़ा एक्शन, तीन फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारक गिरफ्तार

उधम सिंह नगर, 5 जून . उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है. स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और ऊधम सिंह नगर Police की संयुक्त कार्रवाई में उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

आरोपियों के कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 65 कारतूस तथा तीन फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं.

एसटीएफ के अनुसार, Chief Minister के ‘अपराध मुक्त उत्तराखंड’ विजन और Police महानिदेशक के निर्देशों पर राज्यभर में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जा रही है. काशीपुर कोतवाली में 10 फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद से निर्गत दर्शाए गए फर्जी लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित गन हाउस से हथियार खरीदे थे.

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए शाहजहांपुर जिलाधिकारी कार्यालय से संपर्क किया गया. जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों के नाम पर कोई शस्त्र लाइसेंस जारी ही नहीं किया गया था और जिन लाइसेंस नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज थे. इसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया.

जांच के दौरान एसटीएफ और जिला Police ने देर रात कार्रवाई कर नौशाद हुसैन, जतिन कंडपाल और अजीम को गिरफ्तार कर लिया. नौशाद के कब्जे से 30 बोर पिस्टल और 28 कारतूस, जतिन के पास से 32 बोर पिस्टल और 18 कारतूस तथा अजीम के पास से 30 बोर पिस्टल और 19 कारतूस बरामद किए गए. तीनों के पास से फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी मिले हैं.

एसटीएफ ने बताया कि राज्य में हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन अभी भी जारी है और जांच में सामने आने वाले मामलों में लगातार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं. ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी. साथ ही आमजन से भी संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंसों की सूचना एसटीएफ को देने की अपील की गई है.

एसडी/एबीएम

Leave a Comment