
हैदराबाद, 20 जून . Enforcement Directorate (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उनसे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 159 करोड़ रुपए की कीमत वाली 23 अटैच्ड अचल संपत्तियों की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी की है.
ईडी, हैदराबाद ने नीलामी से पहले नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने भोले-भाले लोगों से सालाना 36 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न देने का वादा करके 5,978 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश इकट्ठा किया, लेकिन वे लोगों को मूल रकम भी वापस नहीं कर पाए, जिससे देश भर में बड़ी संख्या में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी हुई.
इसी के संबंध में ईडी, हैदराबाद जोनल ऑफिस ने Supreme Court के रिट पिटीशन में मिसलेनियस एप्लीकेशन के निर्देशों का पालन करते हुए Friday को मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के जरिए आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य संबंधित संस्थाओं की अटैच्ड अचल संपत्तियों की नीलामी सफलतापूर्वक आयोजित की.
ईडी द्वारा नीलाम की गई संपत्तियों में वे एसेट्स शामिल हैं, जिन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अटैच किया गया था. इन एसेट्स की पहचान ‘शेड्यूल्ड ऑफेंस’ (निर्धारित अपराधों) से हुई ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (अपराध से हुई कमाई) से हासिल या अर्जित संपत्ति के तौर पर की गई थी और पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने इसकी पुष्टि की थी.
नीलामी की प्रक्रिया एमएसटीसी लिमिटेड के जरिए Supreme Court के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तरीके से आयोजित की गई थी. वहीं, नीलामी से मिली रकम का इस्तेमाल असली निवेशकों/पीड़ितों को पैसे वापस करने और मुआवजा देने के लिए किया जाएगा. यह काम पूरी तरह से Supreme Court की देखरेख और निर्देशों के तहत होगा, जिससे उन हजारों निवेशकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिनके साथ आरोपियों ने धोखाधड़ी की थी.
ईडी जांच के दौरान, नोहेरा शेख Supreme Court के निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहीं. उनके व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए, Supreme Court ने उनकी जमानत रद्द कर दी. इसके बाद हैदराबाद में पीएमएलए के तहत स्पेशल कोर्ट ने 7 मई को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया. इसी संबंध में खास जानकारी मिलने पर ईडी ने उन्हें 21 मई को गुरुग्राम, Haryana से गिरफ्तार किया और संबंधित कोर्ट के सामने पेश किया.
कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जहां वे अभी भी हैं. वहीं, उनकी पर्सनल असिस्टेंट नाजनीन अंसारी उर्फ अबीदा, अपराध से हुई कमाई को रखने, इस्तेमाल करने और उसे और बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थीं.
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डीके/एबीएम