
Bhopal /धार, 22 जनवरी . Madhya Pradesh में विपक्षी दल कांग्रेस ने Thursday को Supreme Court के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें राज्य के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला में मुस्लिमों को नमाज अदा करने और हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति दी गई है.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि Supreme Court ने भोजशाला मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है.
पटवारी ने को बताया कि Madhya Pradesh Government को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भोजशाला में हिंदू पूजा-पाठ कर सकें और मुस्लिम नमाज अदा कर सकें. मुझे विश्वास है कि Chief Minister मोहन यादव भी अधिकारियों को Supreme Court के निर्देश का पालन करने के लिए निर्देश देंगे.
एक अन्य कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने से फोन पर बात करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय इस मामले में Supreme Court के फैसले का स्वागत करता है.
मसूद ने कहा कि पहले भी ऐसी ही स्थिति थी जब विवादित स्थल पर हिंदू पूजा-पाठ करते थे और मुसलमान नमाज अदा करते थे. हमारा मानना है कि दोनों पक्षों के लोग वहां जाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे और दूसरे समुदाय की आस्था का सम्मान करेंगे.
मसूद ने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हिंदुस्तान के लिए एक संदेश है कि यह प्रेम का संदेश है. यह जगह नफरत की नहीं है.
उन्होंने को बताया कि 2016 में जब मैंने इंदौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, तब भी यही फैसला लिया गया था. आज सर्वोच्च न्यायालय ने उसी को आधार मानते हुए कहा है कि एएसआई के आदेश का पालन किया जाना चाहिए, और नमाज और पूजा भी होनी चाहिए.
Madhya Pradesh के पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विवाद वर्षों से चल रहा है, लेकिन लोग 2003-04 से शांतिपूर्वक उस स्थल पर पूजा और नमाज अदा करते आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अब Supreme Court के निर्देशों का पालन करना राज्य Government की जिम्मेदारी है. उन्होंने यह भी कहा कि वे Supreme Court के फैसले का स्वागत करते हैं.
हिंदू धर्म का वार्षिक त्योहार बसंत पंचमी इस बार Friday को पड़ रहा है, जो मुसलमानों के साप्ताहिक नमाज का दिन है. दोनों समुदायों के लोग विवादित स्थल पर इकट्ठा होंगे, इसलिए धार जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है.
Thursday को मामले की सुनवाई करते हुए Supreme Court ने Friday को बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति दी और मुसलमानों को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक स्थल पर नमाज अदा करने की इजाजत दी.
India के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने दोनों पक्षों से आपसी सम्मान बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की.
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एमएस/