‘फर्जी सेल ऑफर से रहें सतर्क’, तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की जनता को चेतावनी

हैदराबाद, 13 जुलाई . तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (टीजीसीएसबी) ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे साइबर अपराधियों से सावधान रहें. ये अपराधी फ्लैश सेल, सीजन डिस्काउंट, क्लीयरेंस सेल और खास ऑनलाइन ऑफर का फायदा उठाकर अनजान खरीदारों को धोखा देते हैं.

टीजीसीएसबी की डायरेक्टर शिखा गोयल ने Monday को कहा कि धोखेबाज नकली वेबसाइट बनाते हैं, मशहूर ई-कॉमर्स ब्रांड का रूप धरते हैं, social media पर गुमराह करने वाले विज्ञापन फैलाते हैं और व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल के जरिए धोखाधड़ी वाले लिंक भेजकर बहुत कम कीमत पर सामान बेचने का लालच देते हैं.

उन्होंने कहा कि धोखेबाजों के काम करने का तरीका एक जैसा होता है. इनमें ब्रांडेड सामान पर भारी छूट देने वाले नकली विज्ञापन, असली ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट, social media पेज पर ‘लिमिटेड टाइम सेल’ या ‘स्टॉक क्लियरेंस’ ऑफर का प्रचार, और व्हाट्सएप, टेलीग्राम, social media या ईमेल के जरिए धोखाधड़ी वाले लिंक शेयर करना शामिल है.

धोखेबाज यूपीआई, क्यूआर कोड या सीधे बैंक ट्रांसफर के जरिए एडवांस पेमेंट की मांग भी करते हैं. वे नकली कस्टमर केयर नंबर का भी इस्तेमाल करते हैं, जो पेमेंट या बैंकिंग जानकारी इकट्ठा करते हैं.

टीजीसीएसबी डायरेक्टर के अनुसार, ऐसी कीमतें जो सच होने के लिए बहुत अच्छी लगें, बिना वेरिफाई की गई वेबसाइट या नए बने डोमेन, ऑफिशियल शॉपिंग प्लेटफॉर्म के बाहर पेमेंट की मांग, कस्टमर रिव्यू या सेलर रेटिंग का न होना, ‘बस कुछ ही आइटम बचे हैं’ या ऑफर 10 मिनट में खत्म हो जाएगा जैसे अर्जेंट मैसेज और सुरक्षित चेकआउट के बिना एडवांस पेमेंट के लिए सेलर का जोर देना खतरे के संकेतों में शामिल हैं.

शिखा गोयल ने लोगों को सुरक्षा उपाय अपनाने का सुझाव दिया. उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे सिर्फ भरोसेमंद और ऑफिशियल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें, कुछ भी खरीदने से पहले वेबसाइट यूआरएल को वेरिफाई करें, बिना मांगे मिले मैसेज में शॉपिंग लिंक पर क्लिक करने से बचें और सेलर की रेटिंग, रिव्यू और रिटर्न पॉलिसी चेक करें.

उन्होंने लोगों को यह भी सलाह दी कि वे कभी भी सीधे पर्सनल बैंक अकाउंट या अनजान यूपीआई आईडी पर पेमेंट न करें और प्लेटफॉर्म द्वारा दिए गए सुरक्षित पेमेंट तरीकों का इस्तेमाल करें.

टीजीसीएसबी डायरेक्टर ने कहा, “अगर आप शिकार बनते हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट करें. स्क्रीनशॉट, पेमेंट रसीद, ऑर्डर की जानकारी और बातचीत को संभालकर रखें. नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन – 1930 के जरिए घटना की रिपोर्ट करें और बिना देरी किए साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें.”

डीके/एबीएम

Leave a Comment