बंगाल चुनाव: उत्तर 24 परगना में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की सबसे अधिक तैनाती

कोलकाता, 25 अप्रैल . पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए छह जिलों और राजधानी कोलकाता में फैले कुल 142 विधानसभा क्षेत्रों में 29 अप्रैल को व्यापक सुरक्षा घेरे में मतदान होगा. इस दौरान केंद्रीय सशस्त्र Police बल (सीएपीएफ), भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और अन्य राज्यों की सशस्त्र Police इकाइयों सहित केंद्रीय बलों की 2,348 कंपनियां तैनात की जाएंगी.

केंद्रीय बलों की सबसे अधिक तैनाती उत्तर 24 परगना जिले में 507 कंपनियों के साथ होगी, इसके बाद दक्षिण 24 परगना में 409 कंपनियां तैनात होंगी.

हुगली जिले में 344 कंपनियों के साथ तीसरी सबसे अधिक तैनाती होगी, इसके बाद नादिया में 285 कंपनियां तैनात होंगी.

पूर्वी बर्दवान जिले और कोलकाता में मतदान के दिन केंद्रीय बलों की 273 कंपनियां तैनात की जाएंगी.

केंद्रीय बलों की सबसे कम तैनाती कोलकाता से सटे हावड़ा जिले में होगी, जहां 257 कंपनियां तैनात होंगी.

ये केंद्रीय बल कोलकाता Police और पश्चिम बंगाल Police के कर्मियों के अतिरिक्त होंगे.

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि केंद्रीय बलों का वितरण संबंधित जिलों में संवेदनशील या अति संवेदनशील बूथों की संख्या के आधार पर किया गया है. यह संख्या पिछले चुनावों में हुई मतदान संबंधी हिंसा के रिकॉर्ड और बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसी अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है.

29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान 142 सामान्य पर्यवेक्षकों (प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक) और 95 Police पर्यवेक्षकों की कड़ी निगरानी में होगा.

विधानसभा चुनावों के पहले चरण में 152 सीटों के लिए मतदान 84 Police पर्यवेक्षकों की देखरेख में संपन्न हुआ. Saturday को India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने अन्य राज्यों से 11 अतिरिक्त Police पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की.

सीईओ कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि चुनाव आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसामुक्त हो. पहले चरण का मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा. किसी भी प्रकार की बड़ी हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं मिली. चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि पहले चरण में मतदान करने वाले 152 निर्वाचन क्षेत्रों के किसी भी बूथ पर दोबारा मतदान की कोई आवश्यकता नहीं है. आयोग दूसरे चरण को लेकर विशेष रूप से सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को और भी सख्त कर दिया गया है.

एमएस/

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