
Bengaluru, 29 मार्च . Bengaluru स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में Sunday को फील्डिंग कोचों के लिए एक व्यापक वर्कशॉप का आयोजन किया गया. इसकी जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने दी.
कार्यक्रम में क्लासरूम सेशन और ऑन-फील्ड मॉड्यूल दोनों शामिल थे, जिससे इसमें हिस्सा लेने वाले कोचों को आधुनिक फील्डिंग तकनीकों का तकनीकी और रणनीतिक, दोनों ही पहलुओं से एक समग्र दृष्टिकोण मिला.
बीसीसीआई ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “बीसीसीआई सीओई में आयोजित फील्डिंग कोचों की वर्कशॉप की एक झलक यहां दी गई है. इन सेशन में क्लासरूम और ऑन-फील्ड मॉड्यूल शामिल थे. प्रतिभागियों को कुछ शीर्ष फील्डिंग विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला, जिन्होंने इन मॉड्यूल को संचालित किया और उन्हें अपने कौशल को निखारने का मौका दिया.”
बोर्ड ने वीवीएस लक्ष्मण, भारतीय पुरुष टीम के मौजूदा फील्डिंग कोच टी दिलीप, महिला टीम के फील्डिंग कोच मुनीश बाली और अंडर-19 पुरुष विश्व कप विजेता टीम के फील्डिंग कोच शुभदीप घोष की तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जिनमें वे वर्कशॉप में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
इस महीने की शुरुआत में, India के बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान और ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह ने सीओई में विशेष शिविर आयोजित किए थे. मार्च की शुरुआत में आयोजित जहीर के नेतृत्व वाले तीन दिवसीय उच्च-प्रदर्शन शिविर उन तेज गेंदबाजों के लिए था, जो इंडिया ए और अंडर-19 स्तर पर खेल चुके हैं. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उन्हें ‘रेड-बॉल’ (लाल गेंद) क्रिकेट खेलने के लिए तैयार करना था.
हरभजन के नेतृत्व वाला शिविर, जो पिछले सप्ताह आयोजित हुआ था, पूरी तरह से कौशल को निखारने और देश भर के ऑफ-स्पिनरों के समूह के साथ रणनीतिक जानकारियां साझा करने पर केंद्रित था. Mumbai के ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर तनुष कोटियन, उनके साथी खिलाड़ी हिमांशु सिंह और Madhya Pradesh के ऑफ-स्पिनर सारांश जैन, हरभजन के नेतृत्व वाले इस विशेष शिविर का हिस्सा थे.
जहीर उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 2002 की चैंपियंस ट्रॉफी (श्रीलंका के साथ संयुक्त रूप से) और 2011 का वनडे विश्व कप जीता था. 2011 के विश्व कप में वे संयुक्त रूप से सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी थे. वहीं, हरभजन उस भारतीय टीम के सदस्य थे जिसने 2007 का टी20 विश्व कप और 2011 का वनडे विश्व कप जीता था.
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पीएके