
श्रीनगर, 19 जून . जम्मू-कश्मीर Police की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बारामूला जिले में प्रवासी भूमि की कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले की जांच के तहत बडगाम जिले के बनित, बीरवाह क्षेत्र में एक घर की तलाशी ली.
अधिकारियों के अनुसार, ईओडब्ल्यू कश्मीर थाने में दर्ज First Information Report के तहत कार्रवाई की गई. मामला बारामूला जिले के गोशबुग पट्टन स्थित 14 कनाल और 3 मरला प्रवासी भूमि की कथित फर्जी बिक्री से जुड़ा है. आरोप है कि भूमि के वास्तविक मालिक की सहमति के बिना फर्जी दस्तावेज, जाली समझौते और आपराधिक साजिश के जरिए इस जमीन को बेचने का प्रयास किया गया.
जांच के दौरान पांच आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है. आरोप है कि इन लोगों ने जमीन बेचने के नाम पर शिकायतकर्ता से करोड़ों रुपए की ठगी की. Police के अनुसार, भूमि के वास्तविक स्वामी की अनुमति के बिना सौदे का झांसा देकर धोखाधड़ी को अंजाम देने की कोशिश की गई.
क्राइम ब्रांच ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, एक अन्य मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला में Pakistan समर्थित आतंकी साजिश मामले में बड़ी कार्रवाई की. एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में जारी आतंकवाद-विरोधी अभियान के तहत 17 जून को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े Pakistan समर्थित आतंकी साजिश मामले में एक मुख्य आरोपी की दो संपत्तियां जब्त कीं.
एनआईए ने जांच में पाया कि आरोपी शाहीन अहमद लोन एलओसी के जरिए Pakistan से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक की तस्करी में शामिल था. इन हथियारों का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकवादियों को सप्लाई किया जाता था.
एनआईए की स्पेशल कोर्ट, जम्मू के आदेशों के बाद यूएपीए एक्ट के तहत उसकी दो संपत्तियां जब्त की गई हैं, जो जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कनिस्पोरा गांव में स्थित हैं. इनमें 7.5 मरला जमीन पर बना एक रिहायशी घर और 6 मरला जमीन का एक टुकड़ा शामिल है, जिस पर एक शेड बनाया गया था.
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एएमटी/एबीएम