सीएम हिमंत बिस्सा सरमा पर बोले बदरुद्दीन अजमल, नफरत भरी राजनीति से भय का माहौल

गुवाहाटी, 22 जून . एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने Monday को असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा पर आरोप लगाया कि राज्य का मुस्लिम समुदाय भाजपा नेता की राजनीति और सार्वजनिक बयानों के कारण डर के साये में जी रहा है.

अजमल हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में बिन्नाकंडी विधानसभा सीट जीतकर दूसरी बार विधायक बने हैं.

बदरुद्दीन अजमल ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए Chief Minister सरमा पर बांटने वाली बातें करने का आरोप लगाया और दावा किया कि नफरत भरे भाषण देने के मामले में Chief Minister सबसे आगे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया, “नफरत भरी बातें करने के मामले में हिमंत बिस्वा सरमा नंबर वन हैं. उनकी राजनीति और बयानों के कारण असम के मुसलमान डर में जी रहे हैं.”

एआईयूडीएफ नेता ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग असम में सामाजिक सद्भाव और विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं.

अपने चैरिटेबल संगठन द्वारा चलाए जा रहे शैक्षिक कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए अजमल ने कहा कि अजमल फाउंडेशन के तहत चलने वाले संस्थानों में सभी समुदायों के छात्र पढ़ते हैं.

उन्होंने कहा, “अजमल फाउंडेशन के संस्थानों में न केवल मुस्लिम छात्र, बल्कि हिंदू लड़के-लड़कियां भी पढ़ते हैं. हमने हमेशा बिना किसी भेदभाव के शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए काम किया है.”

अजमल ने आगामी जनगणना प्रक्रिया पर भी टिप्पणी की और असम के मुसलमानों से अपनी मातृभाषा के तौर पर ‘असमिया’ बताने का आग्रह किया.

उनके मुताबिक, ऐसा कदम मुस्लिम समुदाय और असमिया समाज के बीच के रिश्ते को और मजबूत करेगा.

उन्होंने कहा, “इस बार जनगणना के दौरान मुसलमानों को अपनी भाषा के तौर पर असमिया लिखना चाहिए. इससे असमिया संस्कृति और समाज के साथ हमारे जुड़ाव की सच्चाई सामने आएगी.”

एआईयूडीएफ प्रमुख ने असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) में नेतृत्व के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी.

उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और धुबरी Lok Sabha सांसद रकीबुल हुसैन को मौजूदा अध्यक्ष गौरव गोगोई की जगह राज्य कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए.

अजमल का तर्क था कि हुसैन का लंबा Political अनुभव और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव भविष्य के चुनावी मुकाबलों से पहले असम में कांग्रेस संगठन को मजबूत कर सकता है.

एएसएच/डीकेपी

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