
अमरावती, 7 अगस्त . आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने Friday को घोषणा की कि राज्य में पिछड़ा वर्ग (बीसी) के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जल्द ही एक नया कानून बनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि ‘बीसी प्रोटेक्शन एक्ट’ का मसौदा तैयार हो चुका है.
बापटला जिले के कोथापेटा गांव में 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Chief Minister ने कहा कि पिछड़े वर्गों की सुरक्षा करना गठबंधन Government की जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से नया कानून लाया जा रहा है.
इस अवसर पर उन्होंने ‘नेथन्ना सेवालो’ (बुनकरों की सेवा में) योजना का शुभारंभ किया. इसके तहत पात्र बुनकर परिवारों को 25-25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. Chief Minister ने 71,536 बुनकर परिवारों के लिए 179 करोड़ रुपये जारी किए.
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनकी Government कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों से कोई समझौता नहीं कर रही है. उन्होंने लोगों से राज्य की प्रगति में बाधा डालने वाली साजिशों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ Government सख्ती से कार्रवाई करेगी.
Chief Minister ने कहा कि ‘नेथन्ना सेवालो’ योजना इस बात का प्रमाण है कि उनकी Government चुनावी वादों को पूरा करने के साथ-साथ ऐसे कदम भी उठा रही है, जिनका वादा चुनाव के दौरान नहीं किया गया था.
उन्होंने कहा, “हथकरघा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक और देश को गौरवान्वित करने वाली कला है. आंध्र प्रदेश हथकरघा परंपराओं की समृद्ध विरासत वाला राज्य है और Government इस समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है.”
Chief Minister ने बताया कि चिराला, वेंकटगिरि, धर्मवरम, उप्पाडा, मंगलगिरि, पोंडुरु, पेडाना, श्रीकालहस्ती और नरसापुरम के हथकरघा उत्पादों को विशेष पहचान मिली है. राज्य में लगभग 1.27 लाख लोग हथकरघा क्षेत्र पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं.
उन्होंने कहा कि Government पहले से ही बुनकरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है. हथकरघा परिवारों को हर महीने 200 यूनिट और पावरलूम इकाइयों को 500 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे 62,541 हथकरघा परिवार और 10,032 पावरलूम इकाइयां लाभान्वित हो रही हैं.
Chief Minister ने बताया कि 50 वर्ष की आयु से बुनकरों को ‘एनटीआर पेंशन भरोसा’ योजना के तहत हर महीने 4,000 रुपये की पेंशन दी जा रही है. इस योजना का लाभ 85,000 बुनकरों को मिल रहा है, जिस पर Government हर महीने 35 करोड़ रुपये और सालाना 420 करोड़ रुपये खर्च कर रही है.
उन्होंने कहा कि Government ने राज्य की 109 प्राथमिक हथकरघा सहकारी समितियों को 79 करोड़ रुपये की नकद ऋण सुविधा उपलब्ध कराई है. उप्पाडा में विशेष अवसंरचना परियोजना, मंगलगिरि में हैंडलूम पार्क और अमरावती के साखमुरु में हथकरघा एवं हस्तशिल्प संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है. इसके अलावा विशाखापत्तनम में 4,200 करोड़ रुपये के निवेश से टिकाऊ वस्त्र पुनर्चक्रण (टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग) इकाई भी स्थापित की जाएगी.
इस दौरान Chief Minister ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली Government ने राज्य को राजधानी विहीन बना दिया और उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया.
उन्होंने कहा, “हम अमरावती को एक भव्य राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं. पिछली Government ने राजधानी के मुद्दे पर बार-बार रुख बदला, तीन राजधानियों का खेल खेला और राज्य को भारी नुकसान पहुंचाया. जिस तरह एक परिवार को घर की जरूरत होती है, उसी तरह एक राज्य को भी राजधानी की जरूरत होती है.”
चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि अमरावती को लेकर फिर से साजिशें रची जा रही हैं और कुछ लोग राजधानी के मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.
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डीएससी