अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला हमारा आत्मरक्षा का अधिकार: अराघची

तेहरान, 8 मार्च . ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला आत्मरक्षा के अधिकार का हिस्सा है. उनका कहना है कि यह युद्ध ईरान की पसंद नहीं है, बल्कि अमेरिका और इजरायल ने उस पर थोप दिया है.

एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा, “यह वह युद्ध नहीं है जिसे हमने चुना है. यह युद्ध अमेरिका और इजराइल ने हम पर थोपा है.” उन्होंने इस संघर्ष को “बिना उकसावे के, अनुचित और अवैध” बताया.

ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक ईरान की जवाबी सैन्य कार्रवाई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है.

अराघची ने एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ में कहा, “अमेरिकियों ने ही हमारे खिलाफ यह जंग शुरू की है, हम पर हमला किया है, और हम अपना बचाव कर रहे हैं. हमारी मिसाइलें अमेरिका तक नहीं पहुंच सकतीं. इसलिए हम जो कर सकते हैं वो कर रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हम जो कर सकते हैं, वह है अपने आस-पास के अमेरिकी बेस और अमेरिकी ठिकानों पर हमला करना, जो बदकिस्मती से हमारे पड़ोसी देशों की जमीन पर हैं.

उन्होंने ये टिप्पणी पेजेशकियान के दिए बयान के एक दिन बाद आई है. Saturday को स्टेट टेलीविजन और बाद में एक्स पर President मसूद पेजेशकियान ने गल्फ देशों से अपने संबंध का हवाला देते हुए कहा था कि वो उन पर तब तक हमला नहीं करेंगे जब तक उनकी जमीन का ईरान को निशाना बनाने के लिए उपयोग नहीं होता.

इस बयान के बाद अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने भी तंज कसते हुए कहा था कि ऐसा उन्होंने यूएस-इजरायल के दबाव में किया है. वहीं, तंज कसते हुए ट्रुथ पोस्ट में ईरान को लूजर तक कह दिया था.

अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के सामने झुक गया है. ट्रंप ने लिखा, “ईरान इस संघर्ष में बुरी तरह से पिट चुका है. उसने माफी मांगी है और अपने मिडिल ईस्ट पड़ोसियों के सामने सरेंडर कर दिया है, और वादा किया है कि वह अब उन पर गोली नहीं चलाएगा.”

ट्रंप के अनुसार, “यह वादा सिर्फ यूएस और इजरायल के लगातार हमले की वजह से किया गया है. ईरान मध्य पूर्व पर कब्जा करके राज करना चाहता था. यह पहली बार है जब ईरान, हजारों सालों में, आस-पास के मिडिल ईस्ट देशों से परास्त हुआ है.”

अमेरिकी President ने दावा किया है कि खाड़ी देशों ने ईरान के इस माफीनामे के बाद उनको (ट्रंप) धन्यवाद दिया है. पोस्ट में ट्रंप ने आगे लिखा कि उन्होंने (मिडिल ईस्ट) मुझे “थैंक यू प्रेसिडेंट ट्रंप” कहा और मैंने कहा, “आपका स्वागत है!”

ईरान अब “मिडिल ईस्ट को धमकाएगा” नहीं, बल्कि वे “मिडिल ईस्ट के लूजर” हैं, और कई दशकों तक ऐसे ही रहेंगे जब तक वे सरेंडर नहीं कर देते या पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाते!

केआर/

Leave a Comment