
New Delhi, 28 दिसंबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Sunday को कहा कि नवनिर्मित ‘अटल कैंटीन’ को जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है. योजना के शुभारंभ के 72 घंटों के भीतर ही 64,446 लोगों को 5 रुपए का भोजन परोसा गया है.
सीएम रेखा गुप्ता ने social media पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की.
सीएम गुप्ता ने Thursday को पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित 100 अटल कैंटीनों में से 45 का उद्घाटन किया. इसके बाद के दिनों में विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अतिरिक्त कैंटीनों का उद्घाटन किया.
इस पहल का उद्देश्य लोगों को अत्यधिक रियायती दरों पर किफायती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है.
Governmentी आंकड़ों के अनुसार, 25 दिसंबर को 17,587 लोगों को भोजन परोसा गया, जिनमें से 8,604 लोगों को दोपहर का भोजन और 8,983 लोगों को रात का भोजन परोसा गया.
Government द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 26 दिसंबर को शाम 7.30 बजे तक, अटल कैंटीन में कुल 15,805 लोगों ने भोजन का लाभ उठाया, जिनमें से 10,696 लोग दोपहर के भोजन के समय और 5,109 लोग रात के खाने के शुरुआती घंटों के दौरान आए.
उद्घाटन समारोह में Union Minister मनोहर लाल, भाजपा नेता आशीष सूद और तरविंदर सिंह मारवाह उपस्थित थे, जिन्हें इस अवसर पर अटल कैंटीन में भोजन करते हुए देखा गया.
सीएम गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें 100 साल पहले जन्मा ‘युग पुरुष’ बताया.
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उनकी 101वीं जयंती नजदीक आ रही थी, Government ने उनकी विरासत का सम्मान करने के सर्वोत्तम तरीकों पर विचार-विमर्श किया, जिसके परिणामस्वरूप अटल कैंटीन शुरू करने का निर्णय लिया गया.
उन्होंने कहा, “अटल कैंटीन खोलने का निर्णय जानबूझकर इस महत्वपूर्ण दिन पर लिया गया था.”
इस योजना के बारे में बताते हुए गुप्ता ने कहा कि लोग कैंटीन में मात्र 5 रुपए में भोजन कर सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता 5 रुपए का भुगतान करता है, जबकि भोजन की वास्तविक लागत लगभग 30 रुपए है, जिसमें Government 25 रुपए की सब्सिडी प्रदान करती है.
उन्होंने कहा कि Union Minister मनोहर लाल ने सबसे पहले भोजन पर्ची ली, उसके बाद उन्होंने ली.
Chief Minister ने कैंटीनों में परोसे जाने वाले भोजन को ‘सात्विक’ बताया और इसकी पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक गुणवत्ता पर जोर दिया.
बाद में सीएम ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह पहल सेवा, सुशासन और गरीबों के कल्याण की दृष्टि से प्रेरित थी.
उन्होंने लिखा, “यह पहल सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली एक ऐसी राजधानी बने जहां लोगों को सम्मान के साथ भोजन मिले और कोई भी भूखा न सोए.”
–
एएसएच/डीकेपी