शोर-शराबे और अशांति से दूर रहें: असम के मुख्यमंत्री की छात्रों को सलाह

गुवाहाटी, 7 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सफलता का एकमात्र स्थायी रास्ता है और चेतावनी दी कि ‘शोर-शराबे और अशांति’ से कभी भी कोई सार्थक करियर नहीं बन सकता.

Friday को यहां एक Governmentी कार्यक्रम में शामिल होते हुए Chief Minister ने छात्रों से अपने शैक्षणिक वर्षों का भरपूर लाभ उठाने की अपील की. ​​उन्होंने इसे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण बताया जो कभी वापस नहीं आएगा.

सरमा ने कहा कि आज हमारे आस-पास बहुत कुछ हो रहा है. उन्होंने युवाओं को ऐसी घटनाओं से ध्यान भटकने के प्रति आगाह किया जो उन्हें शिक्षा से दूर कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि ‘शोर-शराबा और अशांति’ हो सकती है, लेकिन इससे करियर नहीं बनेगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को उन मुद्दों में उलझने के बजाय सीखने के प्रति समर्पित रहना चाहिए जो उनकी शैक्षणिक यात्रा को पटरी से उतार सकते हैं.

Chief Minister ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक उन्नति का सबसे शक्तिशाली साधन बनी हुई है, खासकर मध्यम-वर्गीय, निम्न-मध्यम-वर्गीय और गरीब परिवारों के लिए, जहां यह बेहतर भविष्य के लिए सबसे मजबूत आधार का काम करती है. सरमा ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि शिक्षा का कोई विकल्प है, तो वे गलत हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ज्ञान और निरंतर शैक्षणिक प्रयास का कोई विकल्प नहीं है.

उन्होंने सीधे छात्रों से कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके स्कूल और कॉलेज के साल एक बार मिलने वाला मौका हैं. उन्होंने कहा कि ये साल कभी वापस नहीं आएंगे. जो लोग इनका पूरा फायदा उठाएंगे, उन्हें बाद में पछताना नहीं पड़ेगा.

सरमा ने आगे कहा कि जिंदगी में कई मौके मिलते हैं, लेकिन सिर्फ वही लोग उनका पूरा फायदा उठा पाते हैं जिनके पास ज्ञान और हुनर ​​होता है.

अनुशासन और लगन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों को पूरे मन से सीखने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि शिक्षा उम्मीद, मौकों और लंबे समय की सफलता के दरवाजे खोलती है.

एमएस/

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