
New Delhi, 5 दिसंबर . Pakistan में सैन्य कमान को केंद्रीकृत करने के उद्देश्य से पिछले महीने संविधान के 27वें संशोधन के तहत रक्षा बलों के प्रमुख की भूमिका तय की गई थी. इस क्रम में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीजेसीएससी) के अध्यक्ष पद को खत्म कर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) पोस्ट क्रिएट की गई. पूर्व आईएसआई प्रमुख और सेना प्रमुख असीम मुनीर को सीडीएफ नियुक्त किया गया है. अब वह तीनों सेनाओं (थल, वायु, नौ-सेना) के कमांडर बन गए हैं. इसके साथ ही मुनीर को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) की जिम्मेदारी भी मिली है.
सीडीएफ Pakistan में शक्तिशाली सैन्य पद है. यह नियुक्ति पांच सालों के लिए की गई है.
Pakistan के President कार्यालय की तरफ से social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी गई कि Prime Minister शहबाज शरीफ की चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) दोनों के लिए मुनीर के नाम की सिफारिश को मंजूरी मिल गई है.
हैरानी की बात यह है कि इस संशोधन के साथ ही मुनीर की शक्तियां बढ़ गईं. हालांकि, Supreme Court की शक्तियों में कमी आई है. इसके तहत असीम मुनीर अब अपने कार्यकाल को समाप्त करने के बाद भी इन शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे. वह न तो रिटायर होंगे, न उनसे यह पद लेकर किसी और को दिया जाएगा.
Pakistanी President के एक्स अकाउंट पर लिखा गया, “President आसिफ अली जरदारी ने फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर को 5 साल के लिए सीडीएफ के साथ-साथ सीओएएस के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दी है.”
सीडीएफ के पद पर बैठे मुनीर को अब तीनों सेनाओं की जिम्मेदारी मिल गई है. इसके अलावा परमाणु हथियारों का कमांड भी मुनीर के ही पास होगा.
दरअसल, नेशनल कमांड अथॉरिटी पहले परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम की निगरानी और कंट्रोल करती थी. इसकी अध्यक्षता Pakistan के Prime Minister करते थे. इसी वजह से मुनीर को देश का सबसे शक्तिशाली सैन्य अधिकारी माना जाता है.
इसके अलावा Pakistanी President ने एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू की सेवा को दो साल आगे बढ़ाने का फैसला लिया है. इसे 19 मार्च, 2026 से लागू किया जाएगा.
Pakistan के प्रमुख राजनेता आसिफ अली जरदारी ने Pakistan सशस्त्र बल के दोनों अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं. असीम मुनीर Pakistan के इतिहास में पहले सैन्य अधिकारी हैं जिन्होंने फील्ड मार्शल का फाइव-स्टार रैंक और सीओएएस और सीडीएफ की एक साथ कमांड संभाली है.
वह देश के इतिहास में जनरल अयूब खान के बाद फील्ड मार्शल टाइटल रखने वाले दूसरे सैन्य अधिकारी हैं. अयूब खान ने 1965 में India के साथ युद्ध के दौरान Pakistan को लीड किया था.
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केके/वीसी