
jaipur, 8 अप्रैल . Rajasthan के पूर्व Chief Minister और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने अपनी डिजिटल सीरीज ‘इंतजार शास्त्र’ का 17वां अध्याय जारी करके भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली Government पर अपना हमला और तेज कर दिया है.
इस बार, उन्होंने राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति और एथलीटों को मिलने वाले सहयोग को लेकर चिंता जताई है.
गहलोत ने अपनी ताजा टिप्पणियों में आरोप लगाया कि Rajasthan स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (आरएसएसआई) और जोधपुर के अमृतलाल स्टेडियम जैसी प्रमुख सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है.
उन्होंने सवाल उठाया कि Government के ‘अगर Rajasthan खेलेगा, तो Rajasthan खिलेगा’ नारे को बढ़ावा देने के बावजूद, पूरी तरह से विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा है.
गहलोत ने कहा कि जोधपुर में स्थित Rajasthan स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, जिसे कांग्रेस Government के कार्यकाल में पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स की तर्ज पर विकसित किया गया था और यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से पूरी तरह लैस है. इसमें सिंथेटिक ट्रैक और ट्रेनिंग की सुविधाएं भी शामिल हैं.
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि कोचों की नियुक्ति न होने के कारण यह संस्थान बेअसर हो गया है, जिससे प्रतिभाशाली एथलीट उचित ट्रेनिंग के अवसरों से वंचित हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से बना यह प्रोजेक्ट अब Government की निष्क्रियता के कारण एक ‘सफेद हाथी’ (बेकार का बोझ) बनता जा रहा है.
गहलोत ने जोधपुर के ऐतिहासिक अमृतलाल स्टेडियम की बिगड़ती हालत का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि रखरखाव की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर जर्जर हो गया है, जिससे स्थानीय एथलीट निराश हैं और उन्हें उचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.
गहलोत ने Government के रवैये को ‘दूरदर्शिता की कमी वाला’ बताते हुए तर्क दिया कि बड़े निवेश का उपयोग न करना जनता के पैसे की बर्बादी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जोधपुर के प्रोजेक्ट्स को जानबूझकर दरकिनार किया जा रहा है, जिसे उन्होंने मारवाड़ क्षेत्र के युवाओं के साथ अन्याय करार दिया.
अपनी चल रही ‘इंतजार शास्त्र’ सीरीज के माध्यम से, गहलोत अपने कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स को लगातार सुर्खियों में ला रहे हैं. उनका मकसद मौजूदा Government को ऐसी Government के रूप में पेश करना है जो पिछले कामों को आगे बढ़ाने के बजाय विकास की गति को धीमा कर रही है.
खासकर social media पर इस सीरीज ने एक व्यापक Political बहस को भी जन्म दिया है, जिसमें Rajasthan में विकास प्रोजेक्ट्स के श्रेय और जवाबदेही को लेकर चर्चा हो रही है.
इस बीच, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि गहलोत को ‘संतोष शास्त्र’ अपनाना चाहिए. राठौड़ ने पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत को ‘संतोष शास्त्र’ (संतोष का दर्शन) अपनाने और ‘वानप्रस्थ’ (सक्रिय राजनीति से संन्यास) ग्रहण करने की सलाह दी.
राठौड़ ने तर्क दिया कि गहलोत का Political करियर अब समाप्त हो चुका है और उनसे आग्रह किया कि वे सत्ता का इंतज़ार करना छोड़ दें और नए नेतृत्व के लिए रास्ता बनाएं.
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एएसएच/पीएम