
jaipur, 29 नवंबर . Rajasthan के पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने Saturday को कर्नाटक के Chief Minister सिद्धारमैया और उपChief Minister डीके शिवकुमार के बीच किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उनके बीच कोई तलाक नहीं है, बल्कि सिर्फ प्यार है.
पूर्व Chief Minister ने Rajasthan प्रदेश कांग्रेस कमेटी को संबोधित करते हुए कहा कि अगर नेता नाश्ते की मेज पर एक साथ बैठते हैं, तो यह एकता दर्शाता है. प्यार खबर नहीं है, तलाक खबर है. कर्नाटक में तलाक नहीं है, प्यार है.
गहलोत ने कर्नाटक में अंदरूनी कलह की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी और खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस एकजुट है.
उन्होंने कांग्रेस के भीतर कथित सत्ता-बंटवारे के फॉर्मूले और नेतृत्व संबंधी भ्रम, खासकर कर्नाटक के घटनाक्रम और छत्तीसगढ़ के पहले के मामलों के संदर्भ में, चल रही चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
गहलोत ने कहा कि कई नेता यूं ही राहुल गांधी का नाम लेकर दावा करते हैं कि उन्हें Chief Minister बनने के लिए भेजा गया था या सत्ता-बंटवारे का वादा किया गया था.
गहलोत ने कहा कि लोग राहुल गांधी का नाम लेते हैं. कुछ लोग दावा करते हैं कि उन्हें ढाई साल का वादा किया गया था. छत्तीसगढ़ Government के दौरान भी यही ढाई साल का फॉर्मूला लाया गया था. ऐसी बातें पार्टी को नुकसान पहुंचाती हैं.
कर्नाटक के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए गहलोत ने जोर देकर कहा कि असली फैसलों की जानकारी सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को ही है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर ढाई साल का फॉर्मूला है, तो कर्नाटक के Chief Minister और उप-Chief Minister इसकी पुष्टि करें. वरना, यह सिर्फ अफवाह है.
Rajasthan का जिक्र करते हुए गहलोत ने मौजूदा प्रशासन की कड़ी आलोचना की और उसे अक्षम और गैर-जिम्मेदार बताया.
उन्होंने कहा कि Rajasthan में एक अक्षम Government है. कानून-व्यवस्था चरमरा गई है. हर दिन दुर्घटनाएं और आत्महत्याएं हो रही हैं.
गहलोत ने चुनाव आयोग पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया और चेतावनी दी कि उसका रवैया India के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरा बन सकता है.
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एमएस/डीकेपी