
New Delhi, 20 अगस्त . धारचूला में कुलागाड़ पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भारतीय सेना ने 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है. यहां कुमाऊं स्काउट्स ने 7 घंटे से ज्यादा चले अभियान में तेज बहाव के बीच फंसे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित निकाला.
भारतीय सेना के अनुसार, तवाघाट के पास कुलागाड़ पुल को नुकसान पहुंचने की सूचना मिलते ही कुमाऊं स्काउट्स की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत टुकड़ी को सक्रिय किया गया. यह कार्रवाई धारचूला के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर शुरू की गई. सेना की बचाव टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई. पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण बड़ी संख्या में लोग तेज बहाव वाली जलधारा के दूसरी ओर फंस गए थे. तेज बहाव के बीच ही यहां बचाव अभियान शुरू किया गया.
घटनास्थल पर पहुंचते ही जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और जलधारा के आर-पार रस्सियां बांधकर व सीढ़ी की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया. तेज बहाव के बीच जवानों ने सावधानीपूर्वक लोगों को एक-एक कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया. करीब 7 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में सेना की टुकड़ी ने लगातार राहत और बचाव कार्य जारी रखा. जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की.
भारतीय सेना ने बताया कि कुमाऊं स्काउट्स की टुकड़ी ने 300 से अधिक स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की. सेना के जवानों ने इस दौरान साहस, टीम भावना और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया. अभियान के दौरान प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया.
भारतीय सेना प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव अभियानों में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है. कुलागाड़ पुल की घटना में भी सेना ने सूचना मिलते ही तेजी से कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू किया.
इस अभियान ने एक बार फिर दिखाया कि मुश्किल हालात में भारतीय सेना नागरिकों की मदद के लिए तत्काल आगे आती है और राहत कार्य पूरा होने तक पूरी मजबूती से डटी रहती है. भारतीय सेना ने इस अभियान के संदेश के तौर पर कहा, संकट में हम उठ खड़े होते हैं और सेवा में मजबूती से डटे रहते हैं.
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जीसीबी/एसके