
गुंडोह, 28 जून . जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के गुंडोह क्षेत्र में जल जीवन मिशन (जेजेम) की अधूरी पड़ी परियोजना को लेकर सोशल एक्टिविस्ट सफदर पारे ने उपGovernor मनोज सिन्हा से हस्तक्षेप की अपील की है. उन्होंने कहा कि कहरा-बुटोग्रा क्षेत्र के लोग पिछले कई वर्षों से स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है.
समाचार एजेंसी से बातचीत में सफदर पारे ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत करीब तीन-चार वर्ष पहले जिला डोडा की तहसील कहरा के भटोगड़ा-टांटा क्षेत्र में एक पेयजल परियोजना शुरू की गई थी. इस परियोजना के लिए लगभग 12 से 15 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन मंजूरी मिलने के बावजूद योजना पूरी नहीं हो सकी और इसका लाभ स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंचा.
सफदर पारे ने दावा किया कि उन्होंने इस संबंध में उपGovernor मनोज सिन्हा और पीएचई विभाग को शिकायत और रिपोर्ट भी भेजी है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से यह जवाब दिया गया कि लिफ्ट स्टेशन चालू कर दिया गया है और पाइपलाइन की मरम्मत कर दी गई है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है. मौके पर कोई प्रभावी मरम्मत कार्य नहीं हुआ है और विभाग की रिपोर्ट वास्तविकता से मेल नहीं खाती.
उन्होंने उपGovernor मनोज सिन्हा से आग्रह किया कि वे स्वतंत्र रूप से पीएचई विभाग की एक टीम को भटोगड़ा लिफ्ट स्टेशन भेजकर पूरे प्रोजेक्ट की जांच करवाएं. इस परियोजना में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जबकि क्षेत्र के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार आज भी पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं.
Chief Minister उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली Government की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि Government लोगों की बुनियादी समस्याओं के समाधान में विफल रही है. चुनाव के दौरान लोगों से मुफ्त बिजली और पानी सहित कई वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई देते हैं.
उन्होंने कहा कि यदि Prime Minister Narendra Modi की पहल पर जल जीवन मिशन के तहत यह योजना स्वीकृत की गई थी, तो इसकी प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए. परियोजना में लगाए गए पाइपों की गुणवत्ता भी खराब है और कई स्थानों पर पाइप फट रहे हैं, जबकि फिल्टर प्लांट तैयार होने के बावजूद पूरी योजना अधूरी छोड़ दी गई है.
सफदर पारे ने उपGovernor मनोज सिन्हा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जल जीवन मिशन की योजनाएं शुरू हुईं, लेकिन अब आवश्यक है कि इन परियोजनाओं की नियमित निगरानी भी की जाए ताकि अधूरे कार्य पूरे हों और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके. इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और कहरा-भटोगड़ा क्षेत्र में जल जीवन मिशन की अधूरी योजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे लोगों को राहत मिल सके.
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पीएसके/वीसी