
New Delhi, 30 जुलाई . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. भाजपा के कई सांसदों ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए उनके रवैये, संसदीय भाषा और विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए.
BJP MPों ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों को Political रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और सदन में तथ्यात्मक चर्चा के बजाय भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं.
BJP MP निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह किसी से डरने वाले नेता नहीं हैं. अमित शाह डरते नहीं हैं, बल्कि आप (राहुल गांधी) उनसे डरते हैं. अमित शाह ऐसे व्यक्ति हैं जिनसे देशद्रोही ताकतें, आतंकवादी, नक्सलवादी और देश को टुकड़े-टुकड़े करने की साजिश करने वाले लोग डरते हैं. अगर कोई डर रहा है तो वह राहुल गांधी हैं.
उन्होंने आगे कहा कि अमित शाह को जनता के जनादेश और Prime Minister Narendra Modi के विश्वास के आधार पर गृह मंत्री बनाया गया है. जब तक देश की जनता भाजपा को समर्थन देती रहेगी और Prime Minister मोदी उन्हें गृह मंत्री बनाए रखेंगे, तब तक राहुल गांधी के किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है.
BJP MP संजय जायसवाल ने राहुल गांधी की संसदीय भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच बार सांसद रहने के बावजूद उन्हें यह समझ नहीं है कि संसद में किन शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत छात्रों के मुद्दे से की, लेकिन बाद में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिनका सदन में विरोध हुआ.
जायसवाल ने कहा कि यदि राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते थे तो वे संसदीय मर्यादा के अनुरूप शब्दों का चयन कर सकते थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर विवादित भाषा का इस्तेमाल किया.
BJP MP तरुण चुघ ने राहुल गांधी पर छात्रों के भविष्य को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर कोई ठोस सुझाव नहीं दिया, बल्कि केवल भ्रम फैलाने का प्रयास किया.
उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की चिंता करने के बजाय कांग्रेस नेता Political लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं. राहुल गांधी लगातार असंसदीय और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है.
इसी दौरान तरुण चुघ ने उत्तर प्रदेश Government द्वारा संत रविदास नगर का नाम बहाल करने के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पूर्व Chief Minister अखिलेश यादव ने संत रविदास के नाम पर रखे गए जिले का नाम बदल दिया था, जबकि संत रविदास ने भक्ति आंदोलन के माध्यम से समानता, सामाजिक न्याय और जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ महत्वपूर्ण योगदान दिया. Samajwadi Party ने हमेशा देश के महान संतों का अपमान किया है.
BJP MP शशांक मणि त्रिपाठी ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें अपने Political रवैये में बदलाव लाने की आवश्यकता है. विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष का दायित्व केवल आरोप लगाना नहीं, बल्कि तथ्यों और विश्लेषण के साथ मुद्दों को उठाना भी है. उनके अनुसार राहुल गांधी बिना किसी आधार के आरोप लगाते हैं और जब विस्तार से अपनी बात रखने का अवसर मिलता है तो वे विषय से भटक जाते हैं.
शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण की शुरुआत लगा कि वे युवाओं और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करेंगे. लेकिन इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक उस विषय पर कोई चर्चा नहीं की और ऐसे मुद्दे उठाए जिनका मौजूदा विषय से कोई सीधा संबंध नहीं था. इससे सदन और देश दोनों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई.
BJP MP दामोदर अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पिछले दो सप्ताह से राहुल गांधी लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई मुद्दा है तो उसे तथ्यों और तर्कों के साथ सदन में उठाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने नीट मामले पर चर्चा की मांग की, फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और अब अमित शाह पर गोली चलवाने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं. कांग्रेस गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर जनता में असंतोष पैदा करने की कोशिश कर रही है.
BJP MP राहुल सिन्हा ने भी कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की Governmentें हैं और वहां प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुई हैं, वहां कांग्रेस ने कभी संबंधित शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग नहीं की.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी कई पेपर लीक हुए, लेकिन उस समय पार्टी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. Prime Minister Narendra Modi ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से समझा है और उनकी अपील के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन भी समाप्त कर दिया. उनके अनुसार देश के छात्रों का विश्वास Prime Minister मोदी पर है, राहुल गांधी पर नहीं.
BJP MP कंगना रनौत ने कहा, “उन्हें माफ़ी मांगनी होगी. आप इस तरह झूठ नहीं फैला सकते और किसी पर इतने गंभीर आरोप नहीं लगा सकते.”
बता दें कि Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान Police कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की और दावा किया कि दिल्ली Police तथा सुरक्षा बलों ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई और कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल गृह मंत्री के आदेश पर किया था.
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एसएके/एएस