
हैदराबाद, 29 मार्च . वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की महासचिव नंदमुरी लक्ष्मी पार्वती ने Sunday को कहा कि आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू को तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) चलाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
टीडीपी के संस्थापक और पूर्व Chief Minister स्वर्गीय एनटी रामाराव (एनटीआर) की दूसरी पत्नी लक्ष्मी पार्वती ने चंद्रबाबू नायडू पर एनटीआर के आदर्शों को पूरी तरह से नष्ट करने का आरोप लगाते हुए उन पर हमला बोला.
हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि Chief Minister चंद्रबाबू नायडू ने एनटीआर से धोखे से पार्टी ‘छीन ली’; इसलिए उन्हें एनटीआर का नाम लेने का भी कोई अधिकार नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी नेता पार्टी स्थापना दिवस के नाम पर सिर्फ नाटक कर रहे हैं, जबकि वे उन मूल सिद्धांतों को ही नजरअंदाज कर रहे हैं जिन पर एनटीआर ने पार्टी की नींव रखी थी.
उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू बिना किसी नैतिक मूल्यों के टीडीपी चला रहे हैं और उन्होंने एनटीआर की विरासत को कमजोर किया है.
लक्ष्मी पार्वती ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू एक “क्रेडिट चोर” नेता हैं, जिन्होंने न केवल पार्टी पर कब्जा किया, बल्कि इसकी विचारधारा और कल्याणकारी दृष्टिकोण को भी दरकिनार कर दिया.
उन्होंने Chief Minister पर टीडीपी के भीतर अनुशासन और नैतिकता को कमजोर करने और इसे अवसरवादी गठबंधनों से प्रेरित पार्टी में बदलने का आरोप लगाया.
उन्होंने चंद्रबाबू नायडू की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उन्होंने ‘गरीब-समर्थक’ नीतियों, जैसे कि 2 रुपये प्रति किलो चावल की योजना को बंद कर दिया. उन्होंने उन घटनाओं को भी याद दिलाया जब बिजली की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों को ताक़त के बल पर दबा दिया गया था.
उन्होंने सवाल उठाया कि दुराचार के आरोपी टीडीपी नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई. शासन व्यवस्था की तुलना करते हुए, वाईएसआरसीपी के महासचिव ने जोर देकर कहा कि चंद्रबाबू नायडू किसी भी पहलू में पूर्व Chief Minister वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कल्याण और विकास मॉडल की बराबरी नहीं कर सकते.
इसी बीच, वाईएसआरसीपी के एमएलसी अरुण कुमार मोंडिटोका ने कहा कि Chief Minister ने एनटीआर को धोखा देकर और उनके आदर्शों और कल्याणकारी उपायों को दरकिनार करते हुए टीडीपी की सत्ता उनसे छीन ली.
उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपी अपनी अनैतिक Political चालें चल रही है और असल में चंद्रबाबू नायडू ही ‘क्रेडिट चोरी’ की मानसिकता से ग्रस्त हैं. अरुण कुमार ने आगे कहा, “स्थापना दिवस पर की गई बड़ी-बड़ी बातें लोगों पर कोई असर नहीं डालतीं, क्योंकि लोग एनटीआर को हटाकर टीडीपी पर कब्जा करने के उनके (चंद्रबाबू नायडू के) धोखेबाज तरीकों को कभी नहीं भूलते.”
वाईएसआरसीपी के एमएलसी ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू ने India रत्न के लिए एनटीआर के नाम की सिफारिश तक नहीं की और जब लक्ष्मी पार्वती और वाईएसआरसीपी ने इसके लिए आवेदन किया तो उन्होंने बाधाएं खड़ी कीं.
वाईएसआरसीपी एमएलसी ने चंद्रबाबू नायडू और आंध्र प्रदेश के मंत्री के साथ-साथ उनके बेटे नारा लोकेश को निशाना बनाते हुए कहा, “रोजगार सृजन के बारे में पिता-पुत्र की जोड़ी की बातें सरासर झूठ हैं, और उनके दावों को विस्तृत जानकारी के साथ एक श्वेत पत्र जारी करके साबित किया जाना चाहिए.”
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एएसएच/डीएससी