
उज्जैन, 24 जनवरी . Saturday को Madhya Pradesh के उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दरबार में भक्तों का सैलाब देखने को मिला. ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली परंपरागत भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष जलाभिषेक और पंचामृत पूजन के साथ चंदन, भस्म और सूखे मेवे से विशेष शृंगार किया गया.
माघ माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर हुए इस भस्म आरती के अवसर पर बाबा का अद्भुत और मनमोहक शृंगार भी किया गया, जिसे देख श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और परिसर हर हर महादेव, जय महाकाल से गूंज उठा. बाबा महाकाल के मस्तक पर चंदन, भांग और सूखे मेवों से दिव्य रूप उकेरा गया. भस्म की पवित्र राख से सराबोर भगवान और महामृत्युंजय मंत्र के जयघोष और शंखध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा.
बाबा के दर्शन और भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. भस्म आरती महाकाल मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय आरती है. यह ब्रह्म मुहूर्त में होती है, जिसमें भगवान शिव का भस्म से शृंगार किया जाता है. इस आरती में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं.
भस्म आरती का पौराणिक महत्व भी बहुत गहरा है. इसमें गोहरी, पीपल, पलाश, शमी और बेल की लकड़ियों की राख मिलाई जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल निराकार स्वरूप में होते हैं. इसीलिए महिलाओं को इस आरती में शामिल होने या सीधे देखने की अनुमति नहीं होती. महिलाएं सिर पर घूंघट या ओढ़नी डालकर दर्शन करती हैं.
इस परंपरा का पालन मंदिर में सख्ती से किया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाकालेश्वर के दर्शन मात्र से ही भक्तों को शांति, सुख और आशीर्वाद प्राप्त होता रोग-शोक दूर होते हैं और अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है.
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एमटी/एएस