अमरावती कभी हकीकत नहीं बनेगी, ‘माविगुन’ ही बेहतर राजधानी विकल्प : जगन मोहन रेड्डी

अमरावती, 21 मई . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने Thursday को कहा कि Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू का अमरावती को राजधानी बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने इसके बजाय ‘माविगुन’ क्षेत्र को राज्य की राजधानी के लिए बेहतर विकल्प बताया.

ताडेपल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि अमरावती को राजधानी बनाना व्यावहारिक नहीं है. उन्होंने कहा, ‘एक, दो या तीन दशक बाद भी आंध्र प्रदेश बिना राजधानी के रह जाएगा. चंद्रबाबू जो सोच रहे हैं, वह कभी हकीकत नहीं बनेगा. यह आप भी जानते हैं, मैं भी जानता हूं और सामान्य समझ रखने वाला हर व्यक्ति इससे सहमत होगा.’

जगन ने कहा कि ‘माविगुन’ यानी मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर का क्षेत्र राजधानी के लिए सबसे उचित रहेगा. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पहले से विकसित है और यहां बुनियादी ढांचा मौजूद है.

उन्होंने कहा, ”मछलीपट्टनम में बंदरगाह है, विजयवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, चार राष्ट्रीय राजमार्ग, तीन रेलवे स्टेशन, नौ मेडिकल कॉलेज और कई शैक्षणिक संस्थान हैं. यहां Government को सिर्फ कनेक्टिविटी सुधारने पर खर्च करना होगा.”

पूर्व Chief Minister ने कहा कि अमरावती पर जितना खर्च करने की बात हो रही है, उसका सिर्फ 10 प्रतिशत खर्च करके 5 से 7 साल में माविगुन को पूरी तरह विकसित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपए में यह काम हो जाएगा.

उन्होंने कहा, ”माविगुन को राजधानी घोषित करते ही यह अस्तित्व में आ जाएगी, जबकि अमरावती में एक-दो नहीं बल्कि तीन दशक बाद भी राजधानी का सपना अधूरा रहेगा.”

उन्होंने दावा किया कि माविगुन प्रस्ताव को जनता का व्यापक समर्थन मिला है और इसी वजह से चंद्रबाबू नायडू परेशान हैं.

जगन मोहन रेड्डी ने अमरावती परियोजना की लागत पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि तेलंगाना के पूर्व Chief Minister के. चंद्रशेखर राव ने लगभग 10 लाख वर्ग फुट का सचिवालय भवन करीब 615 करोड़ रुपए में बनवाया था, जबकि आंध्र प्रदेश के सचिवालय की सिर्फ पांच इमारतों की लागत 10,665 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है.

उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू अब नई विधानसभा और नया हाई कोर्ट बनाने की भी बात कर रहे हैं. जगन ने दावा किया कि जिन कंपनियों को 2019 से पहले ठेके दिए गए थे, उन्हीं को 2024 में दोबारा काम सौंपा गया.

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि ये ठेके पहले से तय और मनमाने तरीके से दिए गए.

जगन ने टीडीपी पर हत्या की राजनीति करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 2024 में गठबंधन Government बनने के बाद से वाईएसआरसीपी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है.

उन्होंने अपने परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दादा राजा रेड्डी, पिता वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के भाई वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में टीडीपी के लोगों का हाथ था.

जगन ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान चंद्रबाबू नायडू ने उनके पिता वाईएसआर से कहा था, ‘देखता हूं आप विधानसभा कैसे आते हैं’ और इसके दो-तीन दिन बाद वाईएसआर का हेलीकॉप्टर संदिग्ध परिस्थितियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

एएमटी/डीकेपी

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