
चंडीगढ़, 15 अप्रैल . शिरोमणि अकाली दल (सिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने Wednesday को महिला आरक्षण बिल की आड़ में Lok Sabha सीटों के परिसीमन के कदम की आलोचना की, और जनसंख्या-आधारित इस परिसीमन प्रक्रिया को पंजाब के प्रति घोर भेदभावपूर्ण बताया.
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी परिसीमन के इस कदम का विरोध करने के लिए एक सर्वदलीय पहल के पक्ष में है.
परिसीमन के कदम के भेदभावपूर्ण स्वरूप पर विस्तार से बताते हुए बादल ने एक बयान में कहा कि पंजाब मुख्य रूप से एक अल्पसंख्यक-बहुल राज्य है. इस जनसंख्या-आधारित परिसीमन के सबसे बड़े शिकार हम ही होंगे. पंजाब के लिए सीटों में नाममात्र की वृद्धि की तुलना में, Haryana में लगभग सौ प्रतिशत की वृद्धि होगी और Lok Sabha में उसकी सीटों की संख्या दोगुनी हो जाएगी. इससे हम कहां रह जाते हैं? हम पहले से ही सुनियोजित भेदभाव और अन्याय के शिकार हैं.
अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि परिसीमन के इस कदम ने पंजाब को जनसंख्या नियंत्रण पर राष्ट्रीय एजेंडा का पालन करने के लिए दंडित किया, और उन राज्यों को पुरस्कृत किया जिन्होंने उन राष्ट्रीय लक्ष्यों की अवहेलना की थी.
बादल ने इस कदम को देश के पहले से ही कमजोर संघीय ढांचे पर एक जानलेवा वार भी बताया. उन्होंने कहा कि यह कदम India का नियंत्रण सिर्फ चार हिंदी भाषी राज्यों यूपी, एमपी, बिहार और Rajasthan के हाथों में सौंपने की एक साजिश है. इससे Lok Sabha में उनकी ताकत लगभग दोगुनी हो जाएगी और उन्हें Lok Sabha में 40 प्रतिशत से ज्यादा की संयुक्त ताकत मिल जाएगी. इससे बाकी सभी राज्य लगभग बेमानी हो जाएंगे.
हालांकि, बादल ने प्रस्तावित महिला आरक्षण बिल के लिए अपनी पार्टी के बिना शर्त समर्थन को दोहराते हुए कहा कि यह महान गुरु साहिबान द्वारा हमें दी गई सोच और सिद्धांतों के अनुरूप है.
अकाली दल महिलाओं के लिए आरक्षण के पक्ष में पूरी तरह से है. लेकिन हम इस कदम का विरोध करते हैं, जिसका इस्तेमाल खतरनाक परिसीमन की चालों को छिपाने के लिए किया जा रहा है.
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एमएस/