अजित पवार गुट पाला बदल सकता है; एनसीपी (एसपी) के युगेंद्र पवार का दावा

बारामती, 1 मई . एक ऐसे बयान ने Political हलकों में हलचल मचा दी है, जिसमें एनसीपी (एसपी) के नेता युगेंद्र पवार ने Friday को Maharashtra की राजनीति में संभावित फेरबदल का संकेत दिया. उन्होंने दावा किया कि अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भविष्य में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में शामिल हो सकती है.

पत्रकारों से बात करते हुए, युगेंद्र पवार ने बारामती विधानसभा उपचुनाव में दिवंगत पूर्व उपChief Minister अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के प्रदर्शन पर भी भरोसा जताया.

उन्होंने कहा, “बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनेत्रा काकी के खिलाफ कोई मजबूत विरोधी नहीं था. डाले गए 2,24,000 वोटों में से, मुझे पूरा भरोसा है कि वह 2,20,000 वोटों के अंतर से जीतेंगी और एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी.”

उन्होंने एनसीपी के दोनों गुटों के बीच सुलह की संभावना की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले भी कई लोग दोनों गुटों के विलय के पक्ष में थे और यह भावना अभी भी बनी हुई है.

उन्होंने कहा, “अगर वे (अजित पवार का गुट) कल ‘महायुति’ गठबंधन छोड़ देते हैं, या उन्हें छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वे ‘महा विकास अघाड़ी’ में लौट सकते हैं या हमारी पार्टी में फिर से शामिल हो सकते हैं. पहले लोगों का मानना ​​था कि शिवसेना और कांग्रेस कभी एक साथ नहीं आ सकते, लेकिन वे आए और उन्होंने एक सफल Government चलाई. इसी तरह, कुछ भी संभव है.”

जब उनसे पूछा गया कि 2029 में बारामती का प्रतिनिधित्व विधायक के तौर पर कौन करेगा, तो युगेंद्र पवार ने कहा कि यह फैसला जनता और पवार परिवार के वरिष्ठ सदस्यों पर निर्भर करेगा.

उन्होंने कहा, “बारामती की जनता और पार्टी कार्यकर्ता ही यह फैसला करेंगे. आखिरकार, पवार साहब (शरद पवार) और ताई (सुप्रिया सुले) ही अंतिम निर्णय लेंगे. हमारे परिवार के सभी वरिष्ठ सदस्य एक साथ बैठकर इस पर चर्चा करेंगे. अगर सभी सहमत होते हैं और इससे जनता का भला होता है, और अगर हम ‘पवार बनाम पवार’ मुकाबले से बच सकते हैं, तो फिर ऐसा क्यों नहीं होना चाहिए?”

हालिया तनावों का जिक्र करते हुए और उपChief Minister अजित पवार से जुड़ी एक हेलीकॉप्टर घटना का हवाला देते हुए, युगेंद्र पवार ने पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, “सच सामने आना ही चाहिए. अजित दादा से जुड़ी घटना के संबंध में हमारी एकमात्र मांग यही है कि सच सामने आए. अभी भी कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब नहीं मिले हैं. हमें डीजीसीए की रिपोर्ट में कई विसंगतियां (कमियां) मिली हैं. हालांकि विभिन्न कोणों से जांच चल रही है, लेकिन तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए.”

उन्होंने Political प्रतिद्वंद्विता के ऊपर पारिवारिक एकता के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “मैंने यह बात पहले भी कही है, और जय पवार ने भी यही कहा है. हमने सुप्रिया ताई और सुनेत्रा काकी के बयान भी सुने हैं. हमें एक परिवार की तरह एकजुट रहना चाहिए. मेरा निजी विचार यह है कि ‘पवार बनाम पवार’ की लड़ाई नहीं होनी चाहिए.”

सूखा प्रभावित इलाकों के अपने दौरों पर चर्चा करते हुए, युगेंद्र पवार ने किसानों के लिए पानी छोड़ने हेतु सिंचाई विभाग के साथ समन्वय करने का श्रेय शरद पवार के मार्गदर्शन को दिया.

उन्होंने कहा, “पवार साहब के आदर्शों पर चलते हुए, हम लोगों के लिए काम कर रहे हैं. जब दादा (अजित पवार) प्रभारी थे, तब पानी से जुड़ी ये समस्याएं नहीं थीं. आज कई समस्याएं सामने आई हैं, लेकिन हम उन्हें हल करने के तरीके ढूंढ रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि करहा और नीरा नदियों को स्थिर करने का अजित पवार का विज़न अभी भी हमारी प्राथमिकता है.

उन्होंने कहा, “अगर दादा यहाँ होते, तो उस काम में तेज़ी आती. पानी के संकट को हल करना हमारी ज़िम्मेदारी है, और सरयू फाउंडेशन के माध्यम से, हम चुनावी चक्रों की परवाह किए बिना लोगों की सेवा करते रहेंगे.”

एससीएच

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