
New Delhi, 24 अप्रैल . अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की रिहाई से जुड़ी याचिका पर Supreme Court ने केंद्रीय जांच ब्यूरो से जवाब मांगा है. अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 4 मई तय की है.
क्रिश्चियन मिशेल ने अपनी याचिका में दावा किया है कि जिन आरोपों के आधार पर उन्हें India लाया गया था, उनके लिए तय अधिकतम सजा की अवधि वह पहले ही जेल में काट चुके हैं. उनका कहना है कि अब उन्हें जेल में रखना कानून के खिलाफ है, इसलिए उन्हें रिहा किया जाना चाहिए.
इसके साथ ही उन्होंने India और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के एक प्रावधान को भी चुनौती दी है. उनका कहना है कि इस प्रावधान के तहत उन पर उन मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है, जो मूल रूप से उनके प्रत्यर्पण का हिस्सा नहीं थे.
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था. अदालत ने कहा था कि मिशेल की दलीलों में कोई ठोस आधार नहीं है और उन्हें इस आधार पर राहत नहीं दी जा सकती.
क्रिश्चियन मिशेल को दिसंबर 2018 में संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के जरिए India लाया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाई और इस सौदे में कथित तौर पर भारी रिश्वतखोरी हुई. इस मामले की जांच लंबे समय से चल रही है और इसे देश के बड़े घोटालों में गिना जाता है.
Supreme Court ने अब इस मामले में जांच एजेंसी से जवाब मांगा है, जिसके बाद 4 मई को होने वाली अगली सुनवाई में आगे की स्थिति साफ हो सकेगी. इस सुनवाई में यह तय किया जाएगा कि मिशेल को कोई राहत मिलती है या उन्हें अभी और समय तक जेल में रहना होगा.
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एमएस/