पीएम मोदी की अपील के बाद बस से सफर पर निकले नितिन गडकरी, बोले- ‘पेट्रोल-डीजल बचाना समय की जरूरत’

पुणे, 14 मई . केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Thursday को संत ज्ञानेश्वर मौली महाराज पालकी मार्ग का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अपने काफिले के बजाय बस से यात्रा कर Prime Minister Narendra Modi की ईंधन बचत संबंधी अपील का समर्थन किया.

निरीक्षण यात्रा के दौरान Union Minister गडकरी ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि वह लंबे समय से वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से वह इथेनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे ईंधनों पर लगातार काम कर रहे हैं.

गडकरी ने आगे कहा कि उन्होंने देश का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक कार, ट्रक और बस लॉन्च की है. अब वह कृषि क्षेत्र के लिए मशीनरी और ट्रैक्टर भी लॉन्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इससे करीब 2 लाख करोड़ रुपए की नई अर्थव्यवस्था तैयार होगी और India धीरे-धीरे पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य प्रदूषण को खत्म करना और देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है. यह सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है. लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक संकट को देखते हुए हमें पेट्रोल और डीजल की बचत करनी चाहिए. इसी वजह से Prime Minister ने देशवासियों से अपील की है.”

Union Minister ने कहा कि उन्होंने भी अपनी व्यवस्थाओं में कटौती की है और इसी कारण वह बस से यात्रा कर रहे हैं. उनका कहना था कि ईंधन बचत केवल Government की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है.

गौरतलब है कि हाल ही में Prime Minister Narendra Modi ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे असर को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की थी. Prime Minister ने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने, खाने के तेल का कम इस्तेमाल करने और अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने की भी सलाह दी थी.

Prime Minister की अपील के बाद कई राज्यों में Governmentी स्तर पर ईंधन बचत को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश, Madhya Pradesh और Rajasthan जैसे राज्यों में मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं.

योगी आदित्यनाथ समेत कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है. वहीं Union Minister सी. आर. पाटिल ने भी एस्कॉर्ट वाहन न लेने का फैसला किया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Prime Minister Narendra Modi ने भी अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या लगभग आधी कर दी है. वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है.

बताया जा रहा है कि Prime Minister ने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया है. साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इसके लिए नए वाहन खरीदने के बजाय मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए.

मिडिल ईस्ट संकट के गहराने के बाद केंद्र Government के कई मंत्रालयों ने भी ईंधन बचत से जुड़े उपायों पर अमल शुरू कर दिया है. Government का फोकस अब वैकल्पिक ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और कम ईंधन खपत वाले परिवहन साधनों को बढ़ावा देने पर है.

नितिन गडकरी ने Wednesday को कहा था कि वह Prime Minister मोदी की अपील का पालन करते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाएंगे और अधिक से अधिक बस से सफर करेंगे.

डीबीपी

Leave a Comment