
New Delhi, 10 जून . Prime Minister Narendra Modi ने लगातार 4,399 दिनों के सफल नेतृत्व को पूरा किया है, जो उनकी Government के प्रति करोड़ों भारतीयों के अटूट विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने 1947 के बाद ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ पर जनता की मुहर का जीवंत उदाहरण है. इस विषय पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने से विशेष बातचीत में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र किया. इसके अलावा, Union Minister हरदीप सिंह पुरी ने Prime Minister मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल, Prime Minister के रूप में लोकप्रियता के अलावा तृणमूल कांग्रेस में टूट समेत अन्य मुद्दों पर अपनी बातें रखी. यहां पढ़िए Union Minister हरदीप सिंह पुरी से बातचीत के मुख्य अंश.
सवाल: Prime Minister Narendra Modi ने लगातार 12 वर्ष पूरे कर देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित Prime Minister बनने का रिकॉर्ड बनाया है. आप इस उपलब्धि को कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?
जवाब- कुछ नेता पद पर बैठते हैं, लेकिन कुछ नेता अपने कर्म से इतिहास रचते हैं. Prime Minister Narendra Modi उन विरले नेताओं में से हैं, जिन्होंने सत्ता को कभी विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. उनके लिए हर क्षण देश का है, हर प्रयास देश के लिए है और हर संकल्प India के उज्ज्वल भविष्य के लिए है. 2014 से विकसित India बनाने की उनकी जो यात्रा है, उस विषय पर मैं अपनी कुछ दिल की बातें आपसे शेयर करना चाहता हूं.
Prime Minister मोदी के 12 साल में मैं 9 साल उनकी टीम में रहा हूं. यह मेरा पीएम मोदी के साथ 9वां साल है. मैंने India में पिछले कई प्रधानमंत्रियों को देखा है और दूसरे देशों में भी Political नेतृत्व देखा है. आज तक मैंने कोई ऐसा व्यक्ति नहीं देखा जो Prime Minister मोदी जितना व्यापक ज्ञान रखता हो. विकास के मुद्दों पर उनकी जानकारी और बड़े स्तर पर मार्गदर्शन देने की क्षमता अद्वितीय है. चाहे प्राकृतिक गैस की बात हो, नेचुरल फार्मिंग हो, चाहे आप कृषि हो या फर्टिलाइजर यूसेज हो, जिस मुद्दे को वे एक बार पकड़ लेते हैं, उसमें उनका ज्ञान स्तर और रिसर्च बेमिसाल है. 2014 में जिन योजनाओं की उन्होंने शुरुआत की, उनमें से कई की नींव उन्होंने Gujarat में Chief Minister के रूप में 12 साल पहले ही रख दी थी. स्वच्छता अभियान और शहरी योजनाएं उन्होंने छोटे स्तर पर Gujarat में देखी थीं. कई लोग कहते थे कि ये राज्य के विषय हैं, जैसे भूमि राज्य का विषय है, लेकिन Prime Minister ने कहा कि केंद्र और राज्य Governmentें मिलकर ऐसी योजनाएं बना सकती हैं जो देश को तेज गति से विकसित India की ओर ले जाएं.
सवाल: क्या उनकी लोकप्रियता और नेतृत्व शैली उन्हें Political रूप से लगभग अजेय बनाती है?
जवाब – देश में महामारी जब आई तो उन्होंने बिना डरे काम किया था, उस समय देश की हालत कई गुणा ज्यादा गंभीर थी. उन्होंने देश का नेतृत्व किया. कांग्रेस Government ने 2006 और 2010 के बीच वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी थी. कांग्रेस के नेता पूछते थे कि मोदी जी हमारी बच्चों की वैक्सीन कहां है. वे चाहते थे कि वैक्सीन विदेश से इंपोर्ट की जाए, लेकिन Prime Minister मोदी ने डोमेस्टिक वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट किया. एस्ट्राज़ेनेका कंपनी ने ऑक्सफोर्ड के रिसर्च के बाद वैक्सीन बनाई और पुणे में अन्य डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर काम किया. आखिर में लगभग 24 करोड़ वैक्सीन डोज बनीं, जो ज्यादातर देश के अंदर मुफ्त डिस्ट्रीब्यूट हुईं और 120 अन्य देशों में एक्सपोर्ट भी की गईं.
सवाल: Prime Minister मोदी के लगातार इतने लंबे कार्यकाल के पीछे सबसे बड़े कारण क्या रहे हैं?
जवाब- ये उनकी लीडरशिप स्टाइल, प्रतिबद्धता और पूर्ण समर्पण है. 1947 के बाद शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिला हो जिसने देश के लिए इतना समर्पण दिखाया हो. पिछले 12 साल में जो काम हुआ है, उसके आंकड़े स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे. अभी हम 2026 में हैं. 2047 तक विकसित India बनना है तो अगले 10-12 साल में मोदी जी के नेतृत्व में जो काम होगा, वह परिभाषित होगा. Prime Minister Narendra Modi की लोकप्रियता और नेतृत्व शैली उन्हें दूसरों से अलग बनाती है. 2014, 2019 या 2024 के चुनावों में विपक्ष ने आरोप लगाए, फिर भी उनकी लोकप्रियता लगातार बनी रही. वे जनता से जुड़े व्यक्ति हैं, जिन्होंने बहुत निचले स्तर से अपनी जिंदगी शुरू की और आज सबसे अधिक समय तक रहने वाले Prime Minister हैं. पीएम मोदी की गवर्नेंस स्टाइल बहुत प्रभावी है. विपक्ष को समझना चाहिए और उन्हें भी ऐसी ही गवर्नेंस स्टाइल अपनाने की कोशिश करनी चाहिए.
सवाल: तृणमूल कांग्रेस में टूट की अटकलें हैं और कुछ सांसदों के भाजपा नेताओं से संपर्क की खबरें भी सामने आ रही हैं. आप टीएमसी के भविष्य को कैसे देखते हैं?
जवाब- India की जनता देश में विकास चाहती हैं. 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में एनडीए को विकास के नाम पर वोट मिला था. अब भाजपा पश्चिम बंगाल में टीएमसी को हराकर सत्ता में आई है. आज एनडीए के काम की वजह से ही टीएमसी के लोग एनडीए और भाजपा की तरफ आ रहे हैं क्योंकि वे पश्चिम बंगाल के विकास के लिए एनडीए और भाजपा की सदस्यता बेहतर मानते हैं. पार्टियां अपनी जगह छोड़कर आगे बढ़ रही हैं. भारतीय जनता पार्टी का डेवलपमेंट नैरेटिव पहले भी था, लेकिन पहले सत्ता में ज्यादा समय नहीं मिला. अटल बिहारी वाजपेयी के समय और मोरारजी भाई के समय गठबंधन Government’ थी, जो ज्यादा समय नहीं चल सकी. पीएम मोदी ने पिछले 12 साल में उस गति को बहुत आगे बढ़ाया है.
सवाल: India Government ने ईरान में रह रहे भारतीयों को तत्काल वहां से निकलने की सलाह दी है. क्या आपको क्षेत्र में किसी बड़े सैन्य या भू-Political तनाव की आशंका दिखाई दे रही है?
जवाब- जहां भी दुनिया में युद्ध होता है, सबसे बड़ी चिंता भारतीयों को सुरक्षित निकालने की होती है. ईरान-इजरायल के बीच तनाव की स्थिति में भी यही चिंता है. 2022 में यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने पर 26-30 हजार भारतीय विद्यार्थी वहां फंसे थे. पीएम मोदी विश्व के एकमात्र नेता थे जिन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को वापस लाएंगे. मंत्री सहित चार कैबिनेट कॉलीग्स को अलग-अलग देशों में भेजा गया. उन्हें हंगरी भेजा गया क्योंकि हंगरी यूक्रेन की सीमा से लगा है. अंत में सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित India वापस लाया गया.
सवाल: यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो आम उपभोक्ताओं पर असर कम करने के लिए Government क्या कदम उठा रही है?
जवाब- पेट्रोल की कुल बढ़ोतरी केवल सात रुपये साठ पैसे हुई है, क्योंकि बाकी दस रुपए एक्साइज ड्यूटी कटौती में अवशोषित हो गए. कुछ समाचार चैनलों में यह दावा किया जा रहा है कि सिलेंडर की कीमत 29 रुपए बढ़ गई है. उज्ज्वला योजना के लाभार्थी औसतन एक सिलेंडर तीन महीने में इस्तेमाल करते हैं. इसलिए 29 रुपए को तीन से विभाजित करने पर प्रतिमाह साढ़े नौ रुपए की बढ़ोतरी होती है. साढ़े नौ रुपए को फिर 30 दिनों से विभाजित करने पर प्रति दिन केवल 30 पैसे की बढ़ोतरी होती है. कुल 10 करोड़ 55 लाख उज्ज्वला लाभार्थी हैं.
इसके अलावा, हमने चार सिलेंडर तक की सीमा इसलिए लगाई गई क्योंकि विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कई लाभार्थी अतिरिक्त सिलेंडर लेकर उन्हें कमर्शियल उपयोग में बेच रहे थे या डायवर्ट कर रहे थे. यह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम है. जब आप सिलेंडर खरीदते हैं तो सब्सिडी सीधे आपके खाते में आ जाती है. चार सिलेंडर तक सब्सिडी मिलती है. अगर त्योहार या विशेष अवसर पर जरूरत हो तो पांचवां सिलेंडर पूरे 300 रुपए महंगे दाम पर लिया जा सकता है. नॉर्मल सिलेंडर पर करीब 700 रुपए सब्सिडी है. अगर सब्सिडी न दी जाए तो सिलेंडर 1600 रुपए का मिलेगा, न कि 700-945 रुपए में. विपक्ष के लोग एलपीजी महंगा होने का आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन वो बताएं कि 29 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी से प्रतिदिन 30 पैसे का खर्च वाकई इतना बड़ा है? कुल जीवन यापन की लागत, तनख्वाह और महंगाई के हिसाब में यह प्रतिशत बहुत नगण्य है.
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एसएके/एएस