खान सर बहुत बड़े कलाकार, स्क्रिप्टेड स्टोरी से रोशन आनंद को फंसाया: अधिवक्ता निरंजन कुमार सिंह

Patna, 15 जून . Patna सिविल कोर्ट ने कोचिंग विवाद मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद को जमानत दे दी है. उनके अधिवक्ता निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि आरोप टिकाऊ नहीं थे और उन्हें स्क्रिप्टेड स्टोरी के जरिए फंसाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि खान सर एक बड़े व्यक्तित्व हैं, लेकिन इस मामले में गलत तरीके से तथ्यों को प्रस्तुत किया गया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ.

अधिवक्ता निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि जब उन्होंने इस केस का अध्ययन किया, तो रिकॉर्ड के आधार पर ही यह स्पष्ट हो गया था कि मामले में कई गंभीर कानूनी विसंगतियां मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि एक ही घटना और एक ही कारण के आधार पर दो अलग-अलग मामलों और धाराओं को लागू किया गया है, जो विधि सम्मत नहीं है.

वकील का कहना है कि प्रारंभिक जांच और तथ्यों के विश्लेषण के दौरान उन्हें यह भी लगा कि वास्तविक परिस्थितियां और Police रिपोर्ट में दर्ज विवरण पूरी तरह से एक जैसे नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर जो जानकारी सामने आई, वह कई बार वास्तविक स्थिति से भिन्न प्रतीत होती है. उनके अनुसार, डिजिटल एविडेंस और रिकॉर्डेड सामग्री के आधार पर भी कुछ ऐसे बिंदु सामने आए, जिन्हें उन्होंने अदालत के समक्ष मजबूती से रखा.

उन्होंने कहा कि मैं खान सर का काफी सम्मान करता हूं, लेकिन जब वास्तविक तथ्य सामने आए, तो अदालत ने भी कुछ टिप्पणियां की. कानून के अनुसार, निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा होगी.

उन्होंने कहा, “खान सर एक बड़े कलाकार है जिन्होंने स्क्रीपटेड स्टोरी के जरिए निर्दोष रोशन आनंद को फसाया. social media पर भी इस मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे जनता प्रभावित हुई.”

उन्होंने कहा, “हम गौरव अभिषेक के लिए भी जमानत याचिका दाखिल कर रहे हैं और उम्मीद है कि उन्हें मजिस्ट्रेट कोर्ट से राहत मिल जाएगी, क्योंकि उनके खिलाफ मजबूत धाराएं नहीं बनतीं.”

निरंजन ने कहा कि एक ही घटना के लिए बार-बार अलग-अलग केस बनाए गए, जो कानूनी रूप से सही नहीं है. हम इस पर आपत्ति दर्ज कर रहे हैं और आवश्यकतानुसार उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएंगे. यदि आवश्यक हुआ, तो हम सीबीआई जांच की भी मांग करेंगे ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके. हमारा उद्देश्य है कि सच्चाई सामने आए और निष्पक्ष जांच हो.

उन्होंने कहा कि इस मामले का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है. इसलिए हम हर्जाने की भी मांग करेंगे. हमारा स्पष्ट मत है कि जो निर्दोष हैं उन्हें न्याय मिलेगा और जो दोषी हैं उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलेगी.

पीआईएम/एएस

Leave a Comment