
कुप्पम (आंध्र प्रदेश), 6 जुलाई . अदाणी फाउंडेशन ने Monday को आंध्र प्रदेश Government की प्रमुख पब्लिक-प्राइवेट-पीपल पार्टनरशिप (पी4) पहल से ‘मार्गदर्शी’ (गाइड और सहयोगी भागीदार) के रूप में जुड़ते हुए राज्य के चित्तूर जिले के कुप्पम मंडल में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, जिन्हें ‘बंगारू कुटुंबम’ कहा जाता है, की आजीविका मजबूत करने के लिए साझेदारी की है.
“ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स टुगेदर: अ पी4 मॉडल फॉर होलिस्टिक प्रोग्रेस ऑफ बंगारू कुटुंबम्स इन कुप्पम मंडल” नामक यह पहल कुप्पम मंडल की सभी 29 ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों को कवर करेगी.
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप रोजगार के अवसर बढ़ाना, परिवारों की आय में सुधार करना, वित्तीय साक्षरता को मजबूत करना और Governmentी कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाना है. इसका क्रियान्वयन आंध्र प्रदेश महिला अभिवृद्धि सोसाइटी (एपीएमएएस) द्वारा किया जाएगा.
इस पहल के तहत लाभार्थी परिवारों को उनकी क्षमता और स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार आजीविका से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें सिलाई मशीन, पोर्टेबल वेल्डिंग किट, कढ़ाई मशीन, पशुपालन, किराना स्टोर्स और अन्य सूक्ष्म उद्यमों के लिए सहायता शामिल है, ताकि परिवार स्थायी आय अर्जित कर सकें.
इसके अलावा, प्रत्येक परिवार को प्रशिक्षित सामुदायिक मार्गदर्शकों, जिन्हें ‘बंगारू मित्र’ कहा जाएगा, का सहयोग मिलेगा. ये मार्गदर्शक व्यवसाय योजना तैयार करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, उद्यम विकसित करने और Governmentी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेंगे.
आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपने विधानसभा क्षेत्र कुप्पम के दौरे के दौरान चयनित लाभार्थी परिवारों को सिलाई मशीन, पोर्टेबल वेल्डिंग किट और कढ़ाई मशीनें वितरित कीं.
उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की पी4 जीरो पॉवर्टी पहल की भावना को मजबूत करती है और अदाणी फाउंडेशन द्वारा वंचित परिवारों के लिए नेतृत्व क्षमता विकसित करने और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किया गया प्रयास सराहनीय है.
Chief Minister ने कहा, “मैं बंगारू कुटुंबमों के लिए नेतृत्व क्षमता मजबूत करने और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन की प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं. यह पहल साझा सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो समाज पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डालेगी. समावेशी विकास में इस उल्लेखनीय योगदान के लिए मैं अदाणी फाउंडेशन को बधाई देता हूं.”
अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि स्थायी विकास की शुरुआत परिवार से होती है. जब परिवारों को अवसर, सही सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का भरोसा मिलता है, तो वे न केवल अपना बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भी बेहतर भविष्य तैयार करते हैं.
उन्होंने आगे कहा, “स्थायी प्रगति की शुरुआत घर-परिवार से होती है. जब परिवारों को अवसर, उचित सहयोग और टिकाऊ आजीविका बनाने का विश्वास मिलता है, तो वे सिर्फ अपना नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भी भविष्य मजबूत करते हैं. आंध्र प्रदेश Government के साथ पी4 पहल के तहत हमारी साझेदारी बंगारू कुटुंबमों को आत्मनिर्भर बनाने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है.”
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डीबीपी