
Kanpur, 3 जून . अदाणी फाउंडेशन और अनुष्का फाउंडेशन ने Wednesday को पांच राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के माध्यम से क्लबफुट से प्रभावित 10,000 से अधिक बच्चों के उपचार और उसके बाद देखभाल के लिए तीन साल की साझेदारी का ऐलान किया.
वर्ल्ड क्लबफुट डे के अवसर पर शुरू की गई यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से Madhya Pradesh, Haryana, उत्तर प्रदेश, Maharashtra और Himachal Pradesh में लागू की जाएगी.
इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ Kanpur, उत्तर प्रदेश के मान्यवर कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय और ट्रॉमा सेंटर में किया गया. Kanpur India के उन राज्यों में से एक है जहां क्लबफुट के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं.
अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि क्लबफुट जैसी उपचार योग्य स्थिति का शीघ्र पता चलने पर किसी भी बच्चे को इसके इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए.
डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, “प्रत्येक बच्चे को चलने-फिरने, सीखने, खेलने और जीवन में पूर्ण रूप से भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए. दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अवसर सृजित करना अदाणी फाउंडेशन के दर्शन का एक अभिन्न अंग रहा है, और यह साझेदारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है.”
क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है जिसमें जन्म के समय एक या दोनों पैर अंदर की ओर मुड़ जाते हैं और यह लगभग हर 800 नवजात शिशुओं में से एक को प्रभावित करता है.
हालांकि विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त पोनसेटी उपचार पद्धति से इस स्थिति को ठीक किया जा सकता है, फिर भी वंचित क्षेत्रों में कई बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है.
इस नई पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य नेटवर्क के माध्यम से शीघ्र पहचान, रेफरल प्रणाली और उपचार तक पहुंच को मजबूत करना है, साथ ही प्रभावित बच्चों के लिए दीर्घकालिक देखभाल और पुनर्वास सहायता में सुधार करना है.
कार्यक्रम के तहत, पांच राज्यों के 61 जिलों में स्थित 67 क्लबफुट क्लीनिकों को उपचार तक पहुंच बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवा क्षमता को मजबूत करने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी.
यह पहल क्लबफुट देखभाल में शामिल 51 स्वास्थ्य पेशेवरों के प्रशिक्षण और सशक्तिकरण में भी सहायता करेगी.
इसके अलावा, 30,000 से अधिक फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को इस स्थिति के साथ पैदा हुए बच्चों की शीघ्र पहचान और समय पर रेफरल में सुधार के लिए जागरूक किया जाएगा.
अनुष्का फाउंडेशन के संस्थापक दीपक प्रेमनारायण ने कहा कि यह सहयोग शीघ्र निदान और हस्तक्षेप के लिए प्रणालियों को मजबूत करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण उपचार तक पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा.
प्रेमनारायण ने आगे कहा, “अदाणी फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी पांच राज्यों के 61 जिलों में गुणवत्तापूर्ण उपचार की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगी, साथ ही शीघ्र निदान और हस्तक्षेप के लिए प्रणालियों को मजबूत करेगी. साथ मिलकर, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि इलाज योग्य बीमारी जीवन भर गतिशीलता और अवसरों में बाधा न बने.”
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एबीएस