‘होर्मुज से रोज गुजर रहा 80-90 लाख बैरल तेल’, अमेरिका ऊर्जा मंत्री ने जलमार्ग से कम आवाजाही के दावों को किया खारिज

वाशिंगटन, 14 अगस्त . अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से प्रतिदिन 80 लाख से 90 लाख बैरल तेल का आवागमन हो रहा है. साथ ही, उन्होंने उन दावों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से यातायात में भारी गिरावट आई है.

क्रिस राइट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वाणिज्यिक ट्रैकिंग सेवाएं पूरी तस्वीर पेश करने में असमर्थ थीं, क्योंकि अधिकांश जहाज अपने ट्रांसपोंडर बंद करके और सैन्य सुरक्षा के तहत यात्रा कर रहे थे. क्रिस राइट ने ब्रेट बेयर के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “हमें हर दिन ठीक-ठीक पता होता है कि होर्मुज स्ट्रेट से कितने जहाज आते-जाते हैं. हमें यह भी पता होता है कि वे क्या लेकर जा रहे हैं.”

सचिव ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी जहाजों के साथ सीधे समन्वय कर रहे हैं और उत्तरी व दक्षिणी मार्गों से यातायात पर दैनिक रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं.

वाणिज्यिक ट्रैकिंग कंपनी केप्लर ने अनुमान लगाया था कि संघर्ष से पहले प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज होर्मुज को पार करते थे. ब्रेट बेयर ने बताया कि कंपनी ने Monday को 14 और Tuesday को भी इतनी ही संख्या में जहाजों के गुजरने की सूचना दर्ज की. राइट ने उन आंकड़ों को अपूर्ण बताकर खारिज कर दिया.

उन्होंने कहा, “इनमें से लगभग सभी जहाजों के एआईएस (एंटी-आइसोलेशन सिस्टम) और ट्रांसपोंडर बंद हैं. इसलिए वे अंधेरे में हैं और सुरक्षा के साथ चल रहे हैं.”

क्रिस राइट ने कहा कि औसतन प्रतिदिन 80 लाख से 90 लाख बैरल तेल होर्मुज से होकर गुजर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि इसके अलावा 60 लाख बैरल तेल पाइपलाइनों के जरिए भेजा जा रहा है. राइट ने कहा, “आज मोटे तौर पर अरब खाड़ी इलाके से हर दिन 140-150 लाख बैरल तेल निकल रहा है, जबकि टकराव से पहले यह आंकड़ा 200 लाख बैरल प्रतिदिन था.”

इससे स्पष्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट से हर दिन लगभग 50 लाख से 60 लाख बैरल कम तेल की सप्लाई हो रही है. हालांकि, अमेरिका के ऊर्जा सचिव ने कहा कि यह कमी उतनी नहीं है जितना कि आम तौर पर माना जा रहा है.

बेयर ने President डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बारे में भी क्रिस राइट से सवाल किया, जिसमें कहा गया था कि इस स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है. अपने जवाब में राइट ने कहा, “ईरान अभी भी पड़ोसी देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है.”

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अमेरिकी सुरक्षा अभियानों के विस्तार के साथ ही जहाजों की आवाजाही को बाधित करने की तेहरान की क्षमता कम हो रही है. उन्होंने कहा, “उनके पास एक ही विकल्प बचा है और उसका आकार भी सिकुड़ता जा रहा है.”

राइट ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें लगभग 4 डॉलर प्रति गैलन पर बनी हुई हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन इन्हें 3 डॉलर के आसपास लाना चाहता है, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई. उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से वहां पहुंचेंगे. सवाल सिर्फ समय का है.”

क्रिस राइट ने कहा कि अभी कच्चे तेल की आपूर्ति की तुलना में रिफाइनिंग पर अधिक दबाव है. उन्होंने रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों को भी परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति में कमी और कीमतों में वृद्धि का एक कारण बताया.

डीसीएच/

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