ओडिशा में 77 माओवादियों ने किया सरेंडर, डीजीपी ने बाकी उग्रवादियों से हथियार डालने की अपील की

भूवनेश्वर, 29 मार्च . Odisha के Police महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुराानिया ने Sunday को बताया कि पिछले एक साल में सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियानों के चलते राज्य में 77 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 27 उग्रवादियों को मार गिराया गया है. उन्होंने बाकी बचे माओवादी कैडरों से भी हथियार डालने की अपील की.

डीजीपी खुरानिया फुलबनी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल सुरक्षा बलों के जवानों को सम्मानित किया गया.

उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले देश से माओवादियों के प्रभाव को 31 मार्च 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसके बाद से अभियान तेज किए गए.

डीजीपी के अनुसार, 2025 और 2026 में अब तक माओवाद के खिलाफ बड़ी सफलताएं मिली हैं. इसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिज़र्व Police बल (सीआरपीएफ) जैसे केंद्रीय सशस्त्र Police बलों के साथ-साथ Odisha Police की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), स्पेशल इंटेलिजेंस विंग (एसआईडब्ल्यू) और डिस्ट्रिक्ट वॉलंटरी फोर्स (डीवीएफ) की अहम भूमिका रही.

खुरानिया ने बताया कि 77 माओवादियों ने Odisha Police के समक्ष सरेंडर किया है, जबकि 23 सक्रिय माओवादी कैडरों ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में 27 माओवादियों को ढेर किया है.

उन्होंने बताया कि 25 जनवरी 2025 को नुआपाड़ा-गरियाबंद सीमा के पास हुए एक संयुक्त ऑपरेशन में 17 माओवादी मारे गए थे, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति का एक सदस्य भी शामिल था.

डीजीपी ने कहा कि ताजा आकलन के अनुसार राज्य में सक्रिय माओवादियों की संख्या अब सिंगल डिजिट में रह गई है. हालांकि कंधमाल, रायगड़ा और कालाहांडी के जंगलों में अभी भी कुछ माओवादी कैडर सक्रिय हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षा बल लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं.

उन्होंने शेष माओवादियों से अपील की कि वे हथियार डालकर राज्य Government की नई पुनर्वास और सरेंडर नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

डीएससी

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