
रांची, 27 मई . Jharkhand Government ने ग्रामीण महिलाओं को आजीविका और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है. राज्य में पांच हजार नए सखी मंडलों के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनसे करीब 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बैंकों से पांच हजार करोड़ रुपए के ऋण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है.
Chief Minister हेमंत सोरेन ने Wednesday को Jharkhand मंत्रालय में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक निर्धारित समय सीमा के भीतर इन लक्ष्यों को धरातल पर उतारें. Chief Minister ने अधिकारियों से कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण विकास की मजबूत कड़ी बन सकते हैं.
उन्होंने निर्देश दिया कि समूहों से जुड़ी महिलाओं को सिर्फ पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उन्हें आधुनिक और आय बढ़ाने वाले कार्यों से भी जोड़ा जाए. Chief Minister ने सोलर पावर उत्पादन, जूट प्रोसेसिंग और हनी उत्पादन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया. बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में ढाई लाख नई महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की भी योजना है.
इसके लिए Jharkhand स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा. Chief Minister ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की मार्केटिंग के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और पलाश मार्ट जैसे बिक्री केंद्रों का विस्तार किया जाए.
Chief Minister ने कहा कि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी ऐसे बिक्री केंद्र स्थापित करने की दिशा में पहल होनी चाहिए. बैठक में समूहों की महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने, आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने और क्लस्टर स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया. Chief Minister ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य कार्यक्रम, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना, वाटरशेड योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की.
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एसएनसी/डीकेपी