
कोलकाता, 8 अप्रैल . केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Wednesday को पश्चिम बंगाल Government को सूचित किया कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के निर्देशानुसार राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के दोनों चरणों में केंद्रीय सशस्त्र Police बल (सीएपीएफ), भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और अन्य राज्यों की सशस्त्र Police शाखाओं सहित अतिरिक्त बलों की 150 कंपनियां तैनात करने का निर्णय लिया गया है.
इससे पहले 20 मार्च को चुनाव आयोग ने बताया था कि पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के दोनों चरणों में सीएपीएफ, आईआरबी और अन्य राज्यों की सशस्त्र Police शाखाओं सहित कुल 2,400 बल कंपनियां तैनात की जाएंगी.
अब गृह मंत्रालय के नए निर्देश के अनुसार राज्य चुनावों के दोनों चरणों में तैनात किए जाने वाले बलों की कुल संख्या 2,550 होगी.
तैनात की जाने वाली 150 अतिरिक्त कंपनियों में से 95 कंपनियां सीएपीएफ की होंगी और शेष 55 कंपनियां आईआरबी और अन्य राज्यों की सशस्त्र Police शाखाओं की होंगी.
85 सीएपीएफ कंपनियों में से 32 केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) की, 55 सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की, छह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की और दो सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की होंगी.
20 मार्च को जारी चुनाव आयोग के पिछले आदेश के अन्य प्रावधान यथावत रहेंगे.
चुनाव आयोग के पिछले आदेश के अनुसार, 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम), स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए सीएपीएफ की 200 कंपनियां मतदान वाले राज्य में तब तक तैनात रहेंगी जब तक मतगणना पूरी नहीं हो जाती.
इसके अतिरिक्त, कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सीएपीएफ की 500 कंपनियां अगले आदेश तक तैनात रहेंगी. 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के Lok Sabha चुनावों के बाद हिंसा व्यापक रूप से फैली थी.
सीएपीएफ, आईआरबी और राज्य सशस्त्र Police की शेष 1,700 कंपनियों को 29 अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद वापस बुला लिया जाएगा.
सीएपीएफ की आवाजाही और तैनाती का समन्वय सीआरपीएफ द्वारा किया जाएगा.
सीआरपीएफ (पश्चिम बंगाल सेक्टर) के महानिरीक्षक, शलभ माथुर को राज्य चुनावों के लिए राज्य बल समन्वयक नामित किया गया है.
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एमएस/