
New Delhi, 12 सितंबर . भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी घरेलू क्रिकेट में हर फॉर्मेट में सक्रिय हैं. हाल ही में दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने ईस्ट जोन के लिए शानदार गेंदबाजी की. ईस्ट जोन दलीप ट्रॉफी चैंपियन बनी है.
दलीप ट्रॉफी फाइनल मोहम्मद शमी के करियर का 100वां प्रथम श्रेणी मुकाबला था. शमी ने इस उपलब्धि को बेहद खास बताया है.
बीसीसीआई डोमेस्टिक द्वारा एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में शमी ने कहा, “100वां मैच हमेशा खास होता है, चाहे आप शतक बनाएं और पहली बार बल्ला उठाएं या आप 100 मैच खेलें, यह एक बहुत लंबा सफर है, एक लंबा त्याग है और आपकी जिंदगी का एक लक्ष्य है.”
उन्होंने कहा, “100 फर्स्ट-क्लास मैच खेलना, अपने राज्य को गर्व महसूस कराना, अलग-अलग जगहों पर, अलग-अलग हालात में मैच खेलना और विकेट लेना एक सपना है. यह एक बड़ी बात है.”
शमी 21 साल के थे जब ईस्ट ने 2012 में अपना पहला दिलीप ट्रॉफी टाइटल जीता था. शमी 14 साल बाद ईस्ट के तीसरे खिताब का अहम हिस्सा हैं.
शमी ने कहा, “यह बहुत खास है क्योंकि यह आपका 100वां मैच है और आपके पास दिलीप ट्रॉफी फाइनल है. जीतने पर यह जीवन की एक यादगार चीज बन जाती है. पिछली बार जब ईस्ट जोन जीता था, तो मैं वहां था, और अब, उन सालों के बाद, मैं अभी भी यहां मौजूद हूं क्योंकि सर्कल पूरा हो गया है. 100वां मैच और दिलीप ट्रॉफी फाइनल जीत, यह मेरे लिए वाकई खास है.”
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा, “इतने वर्षों के बाद भी विकेट की भूख, दौड़ने का जुनून पहले जैसा ही है. अब बस एक चीज बदली है. उस समय मुझे कुछ नहीं पता था, अब मुझे रणनीति, उसका कार्यान्वयन और परिपक्वता का ज्यादा पता है.”
शमी ने कहा, “उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. अगर आप जिंदगी को देखें, तो बहुत संघर्ष है, दर्द है, राहत है, हंसी है, खुशी है—इसमें सब कुछ आता है, लेकिन आप इसे कैसे मैनेज करते हैं, आप खुद को कैसे बनाए रखते हैं, यह बहुत जरूरी हिस्सा है. आप अपना खाली समय कैसे बिताते हैं, आप अपनी रिदम कैसे बनाए रखते हैं, आप गेम में कैसे निरंतरता दिखाते हैं, आप गेम से कैसे जुड़े रहते हैं, बहुत सी चीजें हैं.
उन्होंने, “पैशन हमें आगे ले जाता है और इतने वर्षों तक प्रदर्शन का मौका देता है. मुझे लगता है कि आपको एक अच्छा फाइटर होना चाहिए और यह बहुत मुश्किल नहीं है.”
शमी Dubai में 9 मार्च 2025 को हुए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद भारतीय टीम के लिए नहीं खेले हैं. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी.
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पीएके