
Patna, 9 मार्च . बिहार के उपChief Minister सम्राट चौधरी ने कहा कि अब एआई को ताकत बनाने का समय आ गया है. तकनीक हमारे जीवन, गन्ना उद्योग, खेती और किसानी के क्षेत्र में शामिल हो, इसके लिए Government लगातार काम कर रही है.
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जिस बिहार के बारे में कहा जाता था कि यहां उद्योग नहीं लग सकते हैं, उसी राज्य में एनडीए शासन में नौ से 10 चीनी मिलें फिर से चालू की जा चुकी हैं. विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगले पांच वर्षों में 25 चीनी मिलें चालू करने का वादा किया है. नई Government बनने के बाद ही इस दिशा में काम शुरू हो गया है.
उपChief Minister चौधरी ने Monday को Patna में आयोजित गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार–2026 को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक आधारित कृषि से ही किसानों का पूर्ण विकास संभव है. इसके लिए पिछले बजट में ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रावधान किया गया है और आवश्यक राशि भी उपलब्ध कराई गई है. जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा, इससे कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ मिल सकेगा.
इसके साथ ही उपChief Minister ने किसानों की खुशहाली के लिए कैश क्रॉप, यानी नगदी फसल की खेती को भी जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में पहले बड़ी संख्या में चीनी मिलें थीं, यहां बड़े पैमाने पर गुड़ का भी उत्पादन होता था. लेकिन कांग्रेस और राजद के शासन में अधिकांश मिलें बंद हो गईं. अब नीतीश कुमार के संकल्प और Narendra Modi के मार्गदर्शन में इन्हें फिर से चालू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए इंसेंटिव पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट भी तैयार हो रहा है.
Government का उद्देश्य है कि गन्ना खेती और चीनी उद्योग को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़े और बिहार के मजदूरों को राज्य में ही रोजगार के अवसर मिलें. Government का प्रयास है कि धान के साथ-साथ गन्ने जैसी कैश क्रॉप को बढ़ावा मिले ताकि किसान की आय बढ़े. Maharashtra, Gujarat, Haryana समेत कई राज्यों में नगदी फसल की खेती कर किसान अपने जीवन को खुशहाल बना रहे हैं.
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एमएनपी/एएस