
सना, 17 सितंबर . यमन के हूती समूह ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के तीन प्रांतों में 40 हवाई हमले किए हैं.
Wednesday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने कहा कि सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिम में स्थित खमीस मुशैत एयर बेस से उड़ान भरने वाले एफ-15 लड़ाकू विमानों ने दक्षिण-पश्चिमी ताइज, उत्तर-पूर्वी मारिब और उत्तर-पश्चिमी हज्जाह प्रांतों में हमले किए.
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने अभी तक हूतियों के इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है. इन कथित हमलों में हुए नुकसान या हताहतों के बारे में भी तुरंत कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब सीमा-पार हमले तेज हो गए हैं. इससे पहले Wednesday को हूतियों ने कहा था कि उन्होंने सऊदी अरब के पश्चिमी शहर यानबू में स्थित सऊदी अरामको की सुविधाओं पर ‘दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन’ दागे हैं. साथ ही, उन्होंने खमीस मुशैत के एक एयर बेस पर भी कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया.
याह्या सारिया ने दावा किया कि यानबू पर हुए हमले से बड़ी आग लगी और भारी नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि खमीस मुशैत को निशाना बनाने वाली मिसाइलें अपने लक्ष्य पर सटीक तरीके से पहुंचीं. हालांकि, सऊदी अधिकारियों और अरामको ने इन दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
Wednesday को ही हूतियों ने यह दावा भी किया कि उन्होंने यमन के उत्तर-पूर्वी मारिब प्रांत के ऊपर एक स्थानीय रूप से विकसित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से सऊदी अरब का एक एफ-15 लड़ाकू विमान मार गिराया है. सऊदी अरब ने इस दावे पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
सितंबर की शुरुआत से यमन में संघर्ष काफी बढ़ गया है. हवाई हमलों में तेजी के साथ-साथ हूतियों और Governmentी बलों के बीच जमीनी लड़ाई भी फिर से तेज हो गई है.
एक यमनी सैन्य अधिकारी के अनुसार, Wednesday को दक्षिणी लाहज प्रांत की कहबूब पर्वत श्रृंखला में भीषण लड़ाई जारी रही. यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के ऊपर स्थित है. अधिकारी ने बताया कि इस संघर्ष में Government समर्थक बलों के पांच सैनिक और हूती पक्ष के 10 लड़ाके मारे गए, जबकि दोनों पक्षों के कई अन्य लोग घायल हुए.
हूतियों ने हाल के दिनों में यमन के लाल सागर तट पर कई महत्वपूर्ण इलाके अपने कब्जे में लिए हैं. उन्होंने दस सितंबर को रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर नियंत्रण हासिल किया और 11 सितंबर को बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बीच स्थित मायून द्वीप पर भी कब्जा कर लिया. यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है.
यमन का मौजूदा संघर्ष 2014 के आखिर में शुरू हुआ था, जब हूतियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद मार्च 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी Government के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया था.
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एवाई/पीएम